त्योहार के बाद लखनऊ से दिल्ली व मुंबई लौटने वालों के लिए कन्फर्म टिकटों का संकट शुक्रवार को भी बना रहा। ट्रेनों में रिग्रेट होने के कारण यात्रियों को वेटिंग तक के टिकट नहीं मिले। ऐसे में टीटीई से एक्स्ट्रा फेयर टिकट (ईएफटी) कटवाकर यात्रियों ने सफर पूरा किया। बोगियों में भारी भीड़ रही। सीट आरक्षित कराने वाले यात्रियों को भी मुसीबत का सामना करना पड़ा।
कृष्णानगर निवासी अखिलेश बाजपेयी को बेटी के साथ वापी (गुजरात) जाना था। उन्होंने गोमतीनगर से अवध एक्सप्रेस में टिकट बुक कराने का प्रयास किया, लेकिन थर्ड एसी फुल होने से रिग्रेट हो गई। ऐसे में वह स्टेशन पहुंचे, जहां ईएफटी कटवाई और जुर्माना भी भरा। उस ईएफटी पर वह वापी गए। अखिलेश की तरह लखनऊ से शुक्रवार को 300 से अधिक यात्रियों ने ईएफटी कटवाकर यात्रा की।
जनरल के बजाय एसी बोगियों में किया सफर
ईएफटी पर सफर करने वाले यात्रियों को नियमानुसार जनरल बोगियों में यात्रा करनी चाहिए, लेकिन तमाम यात्री ईएफटी कटवाने के बाद स्लीपर व एसी बोगियों में पहुंच गए। इससे बोगियों में भीड़ हो गई, इसलिए रिजर्वेशन पर सफर करने वालों को दिक्कत हुई।
इन ट्रेनों में पैर रखने तक की नहीं मिली जगह
दिल्ली जाने वाली पद्मावत, गोरखधाम, कैफियात, अयोध्या एक्सप्रेस, गोमती सहित लगभग सभी रेगुलर व स्पेशल ट्रेनों में भीड़ रही। मुंबई जाने वाली पुष्पक, अवध एक्सप्रेस, एलटीटी एक्सप्रेस में भी यात्री उमड़े।
चारबाग में बना होल्डिंग एरिया
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सरकुलेटिंग क्षेत्र में होल्डिंग एरिया बनाया है, जहां यात्री आराम कर सकते हैं। जीआरपी जवानों को सुरक्षा के लिए होल्डिंग एरिया में तैनात किया गया है।
विमानों का भी लिया सहारा
ट्रेनों में रिग्रेट से मायूस यात्रियों ने विमानों का सहारा लिया। एयरवॉक ट्रेवेल एजेंसी के मालिक आतिफ ने बताया कि शुक्रवार को लखनऊ से मुंबई के टिकट छह हजार रुपये तक मिले। वहीं, दिल्ली जाने वाली उड़ानें चार से पांच हजार में उपलब्ध थीं। ऐसे में यात्री विमानों से भी दिल्ली, मुंबई वापस गए।