सैन्यकर्मी समेत दो लोगों से जालसाजों ने आर्थिक मदद और मकान के नाम पर 35.40 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने पीजीआई थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पीजीआई के पंचम खेड़ा निवासी सैन्य कर्मी मनोज कुमार के मुताबिक वह और विनोद वीपी कैंट स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज में तैनात थे।
जनवरी 2022 में विनोद वीपी और उसकी पत्नी स्मिता विनोद ने अपने गांव केरल में मकान खरीदने के लिए मनोज से 29 लाख की आर्थिक मदद की मांग की थी। आरोपियों ने कहा कि वह मकान पर लोन करा रहे हैं। पास होने पर वह उन्हें रकम लौटा देंगे। जमानत के तौर पर विनोद ने उन्हें दो चेक दिए थे। सैन्यकर्मी के मुताबिक काफी समय बीतने पर भी जब दंपति ने रकम नहीं लौटाई तो उन्होंने चेक बैंक में लगा दी, जो बाउंस हो गई।
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जानकारी करने पर मनोज को पता चला कि दंपती ने लोन के जो दस्तावेज उन्हें दिखाए थे, वे सारे फर्जी थे। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। उधर, पीजीआई के तेलीबाग निवासी पूर्व सैन्यकर्मी अशोक कुमार यादव के मुताबिक, बीते साल उनकी मुलाकात जयरानी इंफ्रा बोल्ड प्रा. लि. के सीएमडी राहुल यादव से हुई थी।
अशोक ने राहुल की कंपनी में दस लाख का प्लॉट बुक कराया था। आरोप है कि भुगतान के बाद भी आरोपी ने रजिस्ट्री उनके नाम नहीं की। दबाव बनाने पर आरोपी ने 3.60 लाख रुपये लौटा दिए। बची रकम मांगने पर राहुल धमकाने लगा। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की तफ्तीश चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।