महिला पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि उन्होंने दस्तावेज खोने की शिकायत करने के लिए अपने साथी लोला कायूमोवा व त्रिजिन राज से कहा था। दोनों ने शिकायत दर्ज कराई थी या नहीं, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। बाद में युवतियों ने कहा कि लोला कायूमोवा काफी समय से भारत में रह रही है। उसी के सहयोग से दोनों व अन्य कई युवतियां भारत आई थीं।
महिला साथी ने ही कराई थी डॉक्टर से मुलाकात
पूछताछ में युवतियों ने बताया कि लोला कायूमोवा के माध्यम से उनकी मुलाकात डाॅ. विवेक गुप्ता से हुई थी। डॉ. विवेक पत्रकारपुरम एवं अहिमामऊ में मिनर्वा क्लीनिक के नाम से अस्पताल चलाते हैं। उन्होंने ही दोनों की प्लास्टिक सर्जरी की थी। इसके लिए मोटी रकम ली थी और उनसे पहचान पत्र भी नहीं मांगा था। लोला कायूमोवा ने ही दोनों की मुलाकात त्रिजिन राज से कराई थी।
त्रिजिन ओमेक्स आर-1 में फ्लैट संख्या 104 एवं 1103 में रहता है। त्रिजिन को लोग अर्जुन राणा के नाम से भी जानते हैं। त्रिजिन और डॉ. विवेक ने दोनों को फ्लैट में ठहराया था। डीसीपी निपुण अग्रवाल के मुताबिक, एफआरआरओ की टीम दोनों युवतियों को अपनी निगरानी में रखकर जांच कर रही है। पुलिस आरोपी डाॅ. विवेक और त्रिजिन राज की तलाश कर रही है। आरोपियों ने मिलीभगत कर न केवल विदेशी महिलाओं की पहचान छिपाई, बल्कि उन्हें अवैध रूप से आश्रय भी दिया।