महज 500 रुपये कम देने पर टीटीई ने युवक को ट्रेन से धक्का दे दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। दरअसल, सिकंदराबाद में लॉकडाउन लगने के बाद बसंत के हाथ से नौकरी चली गई थी। इसके बाद कोई रास्ता नहीं दिखा तो वह अपने चचेरे भाई व बहनोई के साथ वापस घर जाने के लिए निकला था। जल्दबाजी में बसंत टिकट नहीं ले सका। रास्ते में ट्रेन लखनऊ पहुंची तो उसे टीटीई ने टिकट बनवाने के लिए कहा। इसके लिए 1500 रुपये मांगे। मिन्नतें करने के बाद भी एक हजार रुपये ले लिए। इसके बाद भी टिकट नहीं दिया। टिकट मांगा तो उसे धक्का देकर ट्रेन से गिरा दिया, जिससे बसंत की मौत हो गई थी। इस मामले में जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी टीटीई को हिरासत में ले लिया है। जांच शुरू कर दी है।
देवरिया के रूद्रपुर रनिहवा निवासी बसंत सिकंदराबाद में पेंटिंग का काम करता था। उसके साथ चचेरा भाई तारकेश्वर और बहनोई चौरी चौरा निवासी गोविंद भी काम करता था। बसंत के बहनोई गोविंद के मुताबिक, सिकंदराबाद में लॉकडाउन हो गया था। वहां न तो रुपये थे और न ही भोजन का कोई इंतजाम। ऐसे में सभी घर वापस आने लगे। 13 मई को सभी ने ट्रेन पकड़ी। गोविंद व तारकेश्वर का टिकट पहले से था। लेकिन बसंत का टिकट नहीं बन सका था।
सिकंदराबाद से लखनऊ तक उससे किसी भी टीटीई ने टिकट नहीं मांगा। लखनऊ ट्रेन पहुंचने के बाद बादशाह नगर स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर टीटीई जय नारायण यादव ने टिकट मांगा। टिकट न होने पर 1500 रुपये जुर्माना लगाने की बात कही। गोविंद का आरोप है कि टीटीई जय नारायण यादव ने बसंत से काफी देर तक कहासुनी की। इस दौरान मिन्नतें करते हुए बसंत ने टीटीई को एक हजार रुपये भी दिए थे। लेकिन वह 1500 रुपये पर अड़ा था। महज पांच सौ रुपये के लिए दोनों के बीच कहासुनी हो रही थी। आरोप है कि टीटीई ने बसंत की पिटाई कर दी और उसे ट्रेन से धक्का दे दिया। बसंत ट्रेन के नीचे आ गया और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को उसका शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया। विवार सुबह देवरिया में अंतिम संस्कार किया गया।
क्षेत्राधिकारी जीआरपी संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक, मामले में मृतक के रिश्तेदार गोविंद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी टीटीई की स्टेशन पर यात्रियों ने पिटाई की थी जिससे वह चोटिल हो गया है। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं टीटीई के परिवारीजनों ने भी आरोप लगाया है जिसकी जांच की जा रही है।