तिहरे हत्याकांड में फजीहत के बाद आखिरकार प्रशासन ने पीड़ित परिवार की मांगें मान लीं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मंगलवार शाम आरएसएस के पदाधिकारियों और पीड़ित परिवार से बंद कमरे में बात की। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में ओएसडी की नौकरी का एलान किया। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि शंभू की बेटी सुमेधा जब तक पढ़ना चाहेंगी इसका जिम्मा प्रशासन उठाएगा।
डिप्टी सीएम के मौके पर पहुंचने के बाद पीड़ित परिवार शवों के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। गुलालाघाट पर कड़ी सुरक्षा में सुयश की बुआ के बेटे मनोज अवस्थी ने तीनों शवों को मुखाग्नि दी। डिप्टी सीएम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आजीवन सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नजीर बनेगी।
अशरफाबाद चौराहे पर भी लगाया जाम
दोपहर तक मांगें नहीं मानी गईं तो लोग भड़क गए। कुछ लोग अशरफाबाद चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। पुलिस को इसकी भनक लगी तो फोर्स भेजी गई। इसके बाद ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। चौराहे पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। इसका असर कश्मीरी मोहल्ले तक दिखा।
सआदतगंज के नौबस्ता में सोमवार को हुए तिहरे हत्याकांड ने पुलिस की कार्यशैली को एक बार फिर सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। पुलिस की लापरवाही के कारण पार्किंग और चबूतरा बनाने के मामूली विवाद ने तीन लोगों की जान ले ली। मंगलवार को बवाल बढ़ने पर पुलिस आयुक्त तरुन गाबा ने इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य और चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला दरोगा अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया।
मोहल्ले के लोगों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वारदात के एक दिन पहले शिवाजी तिवारी थाने गए थे। उस दौरान ऋषभ का चाचा राजेश शुक्ला मौजूद था। उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई हुई थी। आरोप है कि वापस आने के बाद राजेश थाने में पुलिसवालों के साथ बैठा रहता था। लोगों ने उस पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का भी आरोप लगाया।
पड़ोस में रहने वाली मंजू शुक्ला ने आरोप लगाया कि ऋषभ ने कुछ समय पहले उनके बेटे अंशू पर हमला किया था। इसकी शिकायत लेकर वह थाने गई थीं। आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये वसूले गए पर सुनवाई नहीं की गई। रकम जुटाने के लिए मंजू को अपनी चेन भी बेचनी पड़ी थी।
नाराज लोगों ने इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज का भी नाम एफआईआर में बढ़ाने की मांग की। साथ ही पूरे थाने को बर्खास्त करने की मांग की। हालांकि, डिप्टी सीएम के पहुंचने के बाद लोगों की नाराजगी कम हुई। पुलिस आयुक्त का कहना है कि लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन पर विभागीय कार्रवाई होगी। हत्यारोपी ऋषभ समेत छह आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। प्रभारी सीजीएम एकलव्य सरोज ने सभी को सात नवंबर तक के लिए जेल भेज दिया।