लखनऊ के मलिहाबाद में ट्रिपल मर्डर के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नया खुलासा हुआ है। लेखपाल बड़ा खिलाड़ी निकला है। उसके बाद भी उस पर मेहरबानी हो रही है। वारदात के बाद प्रशासन की तरफ से दावा किया गया था कि जमीन विवाद में घटना नहीं हुई थी।
लखनऊ के मलिहाबाद में ट्रिपल मर्डर के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन का झूठ भी बेनकाब हो गया है। क्योंकि पुलिस ने साफ कर दिया है कि जमीन विवाद में ही वारदात को अंजाम दिया गया जबकि घटना के बाद प्रशासन की तरफ से जारी किए गए बयान में जमीन विवाद में हत्या न होने का दावा किया गया था।
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पारिवारिक विवाद में हत्या की बात कही गई थी। सवाल है कि आखिर प्रशासन के बड़े अफसरों की इस मामले में खेल करने वाले लेखपाल व अन्य जिम्मेदारों पर मेहरबानी क्यों बरकरार है। वारदात के बाद प्रशासन की जांच रिपोर्ट सामने आई थी। जिसमें जमीन संबंधी मामले का विवरण दिया गया था।
आखिर में लिखा गया था कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों का भूमि विवाद नहीं था। आरोपियों को आशंका थी कि विरोधी पक्ष के मसूद, सलमान आदि को फरीद भड़काते हैं। इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। अब जब रविवार को पुलिस ने खुलासा किया तो स्पष्ट बताया कि लेखपाल रघुवीर सिंह यादव जमीन की पैमाइश करने पहुंचा था।
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वहां लल्लन, सलमान के अलावा फरीद व मुनीर भी मौजूद थे। पैमाइश को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद पैमाइश रोक दी गई। जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया। नियमों को ताक पर रखकर लेखपाल पैमाइश करने पहुंचा था। इसके बावजूद अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एक और अहम खुलासा... लल्लन को नहीं दिया था नोटिस
एडीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि जब कभी जमीन की पैमाइश होती है तो सभी पक्षों को नोटिस भेजा जाता है। लेकिन इस मामले में लेखपाल ने लल्लन को नोटिस नहीं भेजा था। जब पैमाइश के दौरान फरीद, मुनीर, सलमान आदि मौजूद थे तभी लल्लन का ड्राइवर अशरफी वहां पहुंचा था। तब उन लोगों ने उसके जरिये लल्लन को मौके पर बुलाया था।
एडीसीपी का कहना है कि पैमाइश को लेकर स्टे था। तब भी पैमाइश की जा रही थी। यहीं से विवाद पनपा और तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
पैमाइश के वक्त छह फीट जमीन को लेकर हुआ विवाद, मां-बेटे समेत तीन की हत्या
आपको बता दें कि लखनऊ के मलिहाबाद के मोहम्मदनगर तालुकेदारी गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर हुए विवाद में शुक्रवार को हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटे और साथियों संग मिलकर घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मां-बेटे और चचेरे भाई की हत्या कर दी। असलहा लहराते हुए आरोपी फरार हो गए थे।
सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात कैद हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्नर समेत अन्य अधिकारी, फोरेंसिक टीम और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी ललन और उसके बेटे को रविवार सुबह दुबग्गा तिराहे से दबोच लिया।
गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर लल्लन खान का गांव के ही रहने वाले फरीद खान (लल्लन के रिश्ते में दामाद) से जमीन का विवाद चल रहा था। इस जमीन में दो और भी हिस्सेदार हैं। शुक्रवार को मीठेनगर में विवादित जमीन की पैमाइश होनी थी। फरीद के अलावा अन्य दोनों पक्षों के लोग मौके पर मौजूद थे। वहां पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद की जानकारी होते ही बीच रास्ते से फरीद वापस घर लौट गए थे। उधर, लल्लन इस विवाद के पीछे फरीद की साजिश मान रहा था। वह वहां से तुरंत (करीब साढ़े तीन बजे) अपने बेटे फराज खान व अन्य साथियों के साथ थार से फरीद के घर पहुंच गया। वे ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे।
इसमें फरीद के (15) वर्षीय बेटे हंजला, पत्नी फरहीन (35) और बीच-बचाव करने पहुंचे फरीद के चाचा मुनीर (55) को गोलियां लग गईं। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। हत्या के बाद बाप-बेटा फरार हो गए थे, जिन्हें तलाश करने के लिए पुलिस लगी थी। रविवार सुबह दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।