हादसे के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। बस में सवार यात्री भी डर के चलते उतरकर भागने लगे। हादसे का मंजर देखकर लोग सिहर उठे। पुलिस ने फौरन शव वहां से हटाकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है।
अतिक्रमण और अराजकता से होता है अक्सर हादसा
चारबाग रेलवे स्टेशन के पास फैले हुए अतिक्रमण और सवारी के चक्कर में टेंपो, ई रिक्शा और अन्य वाहन चालकों की अराजकता अक्सर हादसे की वजह बनती है। बेकसूर संगीता भी इसका शिकार हुईं। इस इलाके में सड़क पार करने के लिए कोई जेब्रा लाइन भी नहीं है। लोगों के लिए फुटओवर ब्रिज तो बनाया गया, पर उस पर नशेड़ियों और उल्टा-सीधा काम करने वालों का कब्जा रहता है। आम लोग फुटओवर ब्रिज का प्रयोग करने से परहेज करते हैं। वहीं, तमाम कोशिशों के बावजूद भी चारबाग रेलवे स्टेशन की हालत में कोई सुधार नहीं हो सका। अभियान तो कई चलें, पर उनका असर कुछ ही दिन रहा। समय गुजर और हालात फिर जस के तस हो गए।
मृतक महिला संगीता की फाइल फोटो।
संगीता के घरवालों ने बताया कि संगीता के पति सुनील नगर निगम में काम करते थे। तीन साल पहले उनकी मौत हो गई थी। उनके स्थान पर संगीता को नौकरी मिली थी। तीनों बच्चों के सिर से पहले पिता का साया उठा, अब इस हादसे के कारण मां भी चली गई। हादसे के कारण तीनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष शिव मंगल सिंह ने बताया कि संगीता के घरवालों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी चालक को हिरासत में लिया गया।
राहुल और जाह्नवी ने दूसरी मां भी खोई
राहुल के बताया कि उनकी पहली मां सीमा की वर्ष 2014 में ब्रेन हेमरेज से मौत हो चुकी है। वह और जाह्नवी सीमा की संतान हैं। सीमा की मौत के बाद सुनील ने संगीता से दूसरी शादी की थी। आदि उनका सौतेला भाई है। पोस्टमार्टम हाउस पर राहुल ने रोते हुए बताया कि पहले उन्होंने पहली मां को खोया और अब दूसरी मां भी उन्हें छोड़कर चली गईं।