नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह का कहना है कि शहर में 7.15 लाख भवन हैं जिनमें से 5.05 लाख ने ही बीते साल गृहकर जमा किया था। ऐसे में दो लाख से अधिक ने गृहकर जमा नहीं किया। वहीं कई बड़े सरकारी विभागों ने भी गृहकर जमा नहीं किया। बीते साल शहीद पथ के किनारे बसी अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप से भी नगर निगम गृहकर नहीं ले पाया था जबकि इस साल वसूली की जा सकती है क्योंकि शासन ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है। सीमा विस्तार के बाद आए काफी भवनोंं का गृहकर निर्धारण अभी रह गया है उनको भी गृहकर के दायरे में लाया जा रहा है।
-जिन गृहकरदाताओं के मोबाइल नंबर गृहकर रिकार्ड में दर्ज नहीं हैं उन्हें मैनुअल बिल भेजे जाए और उनके मोबाइल नंबर लाकर दर्ज किए जाए।
- सरकारी, अर्द्धसरकारी और केंद्र सरकार के विभागों को शतप्रतिशत नोटिस भेजने का काम इस महीने हर हाल में पूरा किया जाए। जिसकी रिपोर्ट भी सभी जोन दें।
- बीते साल जिन भवनस्वामियों ने गृहकर जमा नहीं किया और जिनके मोबाइल नंबर गलत फीड हैं उनको संपर्क कर सही नंबर फीड किए जाए गृहकर जमा कराया जाए।
- जो भवन गृहकर से छूटे हैं उनके गृहकर निर्धारण की प्रतिदिन की रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक देंगे।
गृहकर वसूली को बढ़ाने के लिए अभी से प्रयास करना जरूरी है। इसके लिए सभी जोनल अफसरों को आदेश जारी किया गया है। सबका लक्ष्य तय है। ऐसे में जो वसूली में लापरवाही करेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।- गौरव कुमार, नगर आयुक्त