अधिकारी बताते हैं कि बोली के बाद नंबर आवंटित होने के 30 दिन यानी एक महीने के अंदर वाहन लेना अनिवार्य होता है। अन्यथा नंबर निरस्त कर दिया जाता है।
90 हजार की बाइक, बोली लगाई 21 लाख
आरटीओ के अधिकारी बताते हैं कि यूपी 32 पीवाई 0001 नंबर का इस्तेमाल बाइक पर किया जाना था। बाइक की कीमत 90 हजार रुपये के आसपास बताई जा रही है। फिर भी आवेदक ने नंबर के लिए 21 लाख की बोली लगा दी। इससे साफ है कि यह सब सोची समझी रणनीति के तहत किया गया। बड़ी बोली उसे निरस्त करवाने की मंशा से ही लगाई गई। निरस्त होने पर नंबर दूसरे नंबर की बोली लगाने वाले को आवंटित हो जाता है।
यूपी 32 पीवाई 0001 वीआईपी नंबर की नीलामी हुई थी, जिसके लिए 28 अक्तूबर को 21 लाख रुपये की बोली लगी थी। लेकिन ऐन मौके पर इसे कैंसिल करवा लिया गया। नियमानुसार दूसरे स्थान के आवेदक को यह नंबर आवंटित हुआ, जिसने 5,56,500 रुपये की बोली लगाई थी। -संजय तिवारी, आरटीओ (प्रशासन)