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Lucknow: पीछे से गृहकर बढ़ाने पर फिर भड़कीं महापौर...लगाई फटकार; जलकल विभाग एक मकान को भेज रहा दो बिल

Fri, 02 Jan 2026 06:33 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में पीछे से गृहकर बढ़ाने और जलकल के दोहरे बिलों पर महापौर सुषमा खर्कवाल फिर नाराज दिखीं। संपूर्ण समाधान दिवस में गृहकर और जलकर से जुड़ी कई शिकायतें आईं। 
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महापौर सुषमा खर्कवाल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लखनऊ में कई मामले संपूर्ण समाधान दिवस में आए। महापौर सुषमा खर्कवाल ने तीन महीने पहले ही निर्देश दिया था कि साल 2022 के पहले से गृहकर को पुनरीक्षित कर बढ़ाया नहीं जाएगा। इसके बाद भी कई मामले ऐसे है जिनमें लोग लगातार गृहकर जमा कर रहे थे और अब फिर उनका पीछे से गृहकर बढ़ा दिया गया।

जिसको लेकर एक बार फिर महापौर ने इस पर नाराजगी जताई। सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक चले संपूर्ण समाधान दिवस में नगर निगम से जुड़ी 60 और जलकल विभाग से जुड़ी 16 शिकायतें आईं। इस दौरान 50 का निस्तारण मौके पर किया गया।

नगर निगम मुख्यालय के त्रिलोक नाथ सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में महापौर के साथ ही नगर आयुक्त गौरव कुमार और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशेाक सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। शिकायतों की सुनवाई के दौरान कई लोगों ने स्ट्रीट लाइटों को लगवाने और सड़क बनवाने की मांग। 

गृहकर को मनमाने तरीके से बढ़ाए जाने को लेकर महापौर ने जोनल अफसरों और कर अधीक्षकों को फटकार भी लगाई। चेताया कि यदि जीआईएस सर्वे के बाद भी साल 2022 के पहले से ऐसे लोगों का गृहकर पुनरीक्षित कर बढ़ाया जो लगातार समय से जमा कर रहें तो फिर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।  

 

 

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केस-1

संपूर्ण समाधान दिवस में आए जानकीपुरम द्वितीय वार्ड के राजेंद्र तिवारी ने बताया कि उनका गेस्ट हाउस छोटा है मगर उसका टैक्स बहुत ज्यादा 41 लाख रुपये बना दिया गया है। इसको सही कराने के लिए वह करीब बीस बार समाधान दिवस में आ चुके हैं मगर टैक्स सही नहीं किया गया। अब फिर ठीक करने का आश्वासन मिला है।

केस-2

संपूर्ण समाधान दिवस आए कल्याणपुर के अजीत यादव ने बताया कि उनका एक घर है मगर उसके बिल दो आ रहे हैं। एक पिता के नाम पर आ रहा है दूसरा मां के नाम पर जबकि पिता की मृत्यु हो चुकी है। मां के नाम पर जो बिल आ रहा है उसको वह जमा कर रहे हैं उसके बाद भी जो दूसरा बिल पिता के नाम पर है उसमें बकाया आ रहा है।

 

इनको मिली बढ़े गृहकर से राहत

संपूर्ण समाधान दिवस में आए ज्यादातर भवनस्वामियों को बढ़े गृहकर से राहत मिली। इनमें पीर बुखारा क्षेत्र के मोहम्मद हारून रिजवी के मकान का वार्षिक गृहकर मूल्यांकन जीआईएस सर्वे के बाद 20000 रुपये से बढ़कर 36,000 रुपये हो गया थो जो आपत्ति के बाद 21,600 रुपये किया गया। 

वृंदावन सेक्टर आठ निवासी राहुल सिंह रावत के घर का वार्षिक गृहकर मूल्यांकन जीआईएस सर्वे के बाद 13000 रुपये से बढ़कर 24,206 रुपये हो गया था। इसे जांच के बाद सही किया गया तो यह 17,496 रुपये हो गया। विकास नगर सेक्टर-छह निवासी मीरा गुप्ता के मकान का वार्षिक गृहकर मूल्यांकन 6500 रुपये से बढ़कर 19,926 रुपये से हो गया था जो जांच के बाद 7,128 रुपये हो गया।
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किस जोन में आए कितने मामले

  • जोन एक- 25
  • जोन दो-5
  • जोन तीन- 5
  • जोन चार- 1
  • जोन छह- 11
  • जोन सात- 11
  • जोन आठ- 2
  • जलकल विभाग- 16
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