, इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
- फोटो : amar ujala
सम्पत्ति प्रभारी रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि सहारा शहर में करीब 20 गायें भी थीं। उनको कान्हा उपवन मंगलवार को भेजा जाएगा। आज खाली कराते शाम हो गई और गाय पकड़ने पर भड़क रहीं थीं। ऐसे में अभी उनको यहीं पर चारा दिला दिया गया है। सुबह भेजा जाएगा।परिसर में कुछ बतख भी हैं। इनको तालाब में छोड़ दिया जाएगा। कुछ गाड़ियां भी परिसर में अंदर हैं। कुछ गाड़ियां सहारा वाले ले गए हैं।
कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिसकर्मी।
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कार्रवाई के दौरान भी सहारा शहर के कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन बकाया वेतन की मांग को लेकर किया। यह कर्मचारी बृहस्पतिवार से प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों का कहना है कि बीते 14 साल से सहारा प्रबंधन उनको पूरा वेतन नहीं दे रहा था। चार, छह महीने बीतने पर कभी दो महीने तो कभी तीन महीने का वेतन डाल देता था। पीएफ और ग्रेच्युटी का तो एक पैसा नहीं दिया। ऐसे में अब वह कहां जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान सहारा प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग उनको समझाने आए मगर बात नहीं बनी। विरोध प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी अमित अवस्थी ने कहा कि अब नगर निगम ने परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है। अब उनके पास दो ही रास्ते हैं कि वह अपने बकाया वेतन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के दरबार में जाएं या कोर्ट जाएं। इसको लेकर आपस में बैठकर सब तय करेंगे।