राजधानी में 14 लाख उपभोक्ताओं को आने वाली गर्मी में बेहतर बिजली आपूर्ति करने के लिए मार्च में नेटवर्क तैयार हो जाएगा। बिजनेस प्लान 2025 के 397 करोड़ रुपये की लागत से इस नेटवर्क के तहत नए ट्रांसफार्मर लगाने, उपकेंद्र की क्षमता बढ़ोतरी, 33 केवी, 11 केवी व 440 वोल्ट की लाइनें तेजी से बन रही हैं। इस योजना के 80 फीसदी कार्य पूरे हो चुके हैं।
लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि चौक, ठाकुरगंज, अमीनाबाद, ऐशबाग, राजाजीपुरम, अपट्रान, राजभवन व हुसैनगंज एरिया के 55 जगहों में से 40 पर नए ट्रांसफार्मर लगकर चालू हो चुके हैं। बचे ट्रांसफार्मर को उपकेंद्र से मोहल्ले तक लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जानकीपुरम के एक्सईएन 11 केवी पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि 220 केवी साढ़ामऊ उपकेंद्र की नई 33 केवी लाइनें पुरनिया अलीगंज व इंजीनियरिंग कॉलेज के जानकीपुरम की बिजली को भी बेहतर बनाएंगी।
10 हजार परिवारों को दूर होगा बिजली संकट
जानकीपुरम जोन के मुख्य वीपी सिंह ने बताया कि फरवरी में प्रियदर्शिनी उपकेंद्र के 10 हजार परिवारों का बिजली संकट दूर हो जाएगा, जो हर साल झेलते थे। इस साल 220 केवी साढ़ामऊ उपकेंद्र से करीब 17 किमी लंबी 33 केवी डबल सर्किट की भूमिगत लाइन बनकर आ रही है। यह लाइन 80 फीसदी बन चुकी, जिस पर 32 करोड़ रुपये की लागत आई है।
नए एसी का लोड पड़ने पर अंडरलोड रहेंगे ट्रांसफार्मर
गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने बताया कि आगामी गर्मी में इंदिरानगर, गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, चिनहट सहित अन्य इलाकों में लगने वाले नए एयरकंडीशन के कारण उपकेंद्र व वितरण ट्रांसफार्मर ओवर लोड के बजाए अंडर लोग ही रहेंगे। उपकेंद्र पर पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर अतिरिक्त रूप से लग रहे।
ये हैं होने वाले प्रमुख सुधार कार्य
अमौसी जोन के मुख्य अभियंता महफूज आलम ने बताया कि आने वाली गर्मी में बिजली संकट से परेशान लोग सड़क पर उतर कर जगह-जगह उपकेंद्रों का घेराव व सड़क जाम न करें, इसके लिए जिनके पास 33 हजार वोल्ट आपूर्ति का सिंगल स्रोत उसे डबल किया जा रहा है। ओवर लोड पुरानी 33 केवी, 11 केवी व 440 वोल्ट की लाइनें अंडर लोड हो सके लिए इसके लिए नई लाइनों को बताया जा रहा है।