लखनऊ के चर्चित शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उसने खुद को बेगुनाह बताया है। उसने अब तक खुद पर लग रहे आरोपों का जवाब दिया है।
एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिसमें वो कह रही है कि मेरा आप सभी से रिक्वेस्ट है, मेरे नाम को ऐसे मत उछालिए। आप हर किसी के साथ मेरा नाम मत जोड़िए। आप लोगों ने कई नेताओं, कई अधिकारियों के साथ मेरा बेवजह का नाम जोड़ा है हाँ, अगर वो मेरे इंस्टाग्राम पे मेरे से कोई ऐड है, तो आप मेरे बारे में ऐसी अफ़वाह मत फैलाइए।
मेरा किसी से कोई कनेक्शन नहीं है। मैं किसी को नहीं जानती हूँ, मेरा रिक्वेस्ट है कि प्लीज मेरे बारे में अफ़वाह मत फैलाइए। मैं कहीं गायब नहीं हूँ। मैं पुलिस में आकर बयान देना चाहती हूँ। मैं उन्हें सब कुछ सच-सच, जो कुछ भी है, मैं उन्हें सब कुछ सच-सच बताना चाहती हूँ। तो प्लीज, आप लोगों से मेरी यही रिक्वेस्ट है कि कुछ भी किसी लड़की के बारे में बोलने से पहले 100 बार सोचिए कि मेरा क्या गुनाह है।
मैंने कुछ नहीं किया है। जो कुछ भी सच है शिवा शर्मा कांड से रिलेटेड, कि उसकी कोई हत्या नहीं हुई थी, वो एक सुसाइड था। वो मैं आप लोगों से बताने वाली थी। लेकिन मेरी कंडीशन देखिए कि मैं किस कंडीशन में हूँ। मैं ठीक कंडीशन में नहीं हूँ। मैं बिल्कुल भी इस समय फिजिकली फिट नहीं हूं।
तो मेरा रिक्वेस्ट है, मेरा आप लोगों से निवेदन है कि किसी भी बड़े अधिकारी या नेताओं के साथ मेरा नाम मत जोड़िए जिसमें मेरी कोई इन्वॉल्वमेंट नहीं है।
25 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे का बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में श्रद्धा ने कहा कि वह गायब नहीं है और खुद पुलिस के पास जाकर पूरी सच्चाई बताना चाहती है। उसने कहा कि शारीरिक रूप से अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और फिलहाल हालात का सामना करने की स्थिति में नहीं थी। श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर उसे फॉलो करने वालों से अपना कनेक्शन होने की बात को गलत बताया। उसने दावा किया कि शिवा ने आत्महत्या की थी, उसकी हत्या नहीं हुई। श्रद्धा के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यह स्पष्ट हो जाएगा। उसने कहा कि वह पुलिस को पूरी सच्चाई बताएगी और सरेंडर करना चाहती है।
एसयूवी के ओवरस्पीड के तीन चालान
श्रद्धा की एसयूवी के ओवरस्पीड के तीन चालान लंबित हैं। पहला चालान 19 जून 2025 को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 142 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलाने पर हुआ था। दूसरा चालान 14 अप्रैल 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर किया गया था। तीसरा चालान आठ अगस्त 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर 123 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलाने के मामले में हुआ था।