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लखनऊ: एसजीपीजीआई में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की दूसरे चरण की परीक्षा निरस्त, हजारों अभ्यर्थियों को झटका

Sun, 01 Nov 2026 02:15 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के एसजीपीजीआई में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की एक नवंबर को प्रस्तावित दूसरे चरण की परीक्षा अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते निरस्त कर दी गई। संस्थान ने नई तारीख बाद में घोषित करने की बात कही है। परीक्षा रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों को झटका लगा है। परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
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हजारों अभ्यर्थियों को झटका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संजय गांधी पीजीआई (एसजीपीजीआई) में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की दूसरे चरण की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। यह परीक्षा रविवार यानी पहली नवंबर को होनी थी। परीक्षा निरस्त होने की सूचना संस्थान के परीक्षा प्रकोष्ठ ने रविवार को नोटिफिकेशन जारी कर दी।

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परीक्षा प्रकोष्ठ की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक नर्सिंग ऑफिसर पद पर भर्ती के लिए दूसरे चरण की ऑफलाइन परीक्षा आयोजित होनी थी। अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है। परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा की अगली तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

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इस परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को इसकी सूचना दी गई है। संस्थान ने परीक्षा से जुड़े केंद्र अधीक्षकों और पर्यवेक्षकों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) को भी सूचना भेजी गई है। परीक्षा निरस्त होने से अभ्यर्थियों को अब नई तारीख का इंतजार करना होगा। हालांकि संस्थान की ओर से परीक्षा रद्द करने की वजह के तौर पर केवल अपरिहार्य परिस्थितियों का जिक्र किया गया है। कोई विस्तृत कारण नहीं बताया गया है।

 

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वित्त विभाग के अफसरों के जिम्मे भर्ती परीक्षा

एसजीपीजीआई में भर्ती परीक्षाओं की जिम्मेदारी वित्त विभाग के अधिकारियों को सौंपे जाने पर सवाल उठने लगे हैं। नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा इसका ताजा उदाहरण बन गई है। एक नवंबर को प्रस्तावित दूसरे चरण की ऑफलाइन परीक्षा अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देकर निरस्त कर दी गई। 

परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी विशेषज्ञ अधिकारियों के बजाय वित्त विभाग के अफसरों को सौंप दी गई। नतीजा भर्ती प्रक्रिया में अव्यवस्था के रूप में सामने आया। परीक्षा रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों को अब नई तारीख का इंतजार करना पड़ेगा।
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