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Lucknow: छतों पर धूप से पक रही कुल मांग की 20 फीसदी बिजली, बिल की चिंता करने वाले अब खुद कर रहे उत्पादन

Wed, 29 Apr 2026 10:55 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya समीउद्दीन नीलू, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपीनेडा के मुताबिक लखनऊ में उपभोक्ताओं के घरों पर लगे सोलर संयंत्रों से वर्तमान में 328.276 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह तब है जब जिले की कुल बिजली मांग करीब 1500 मेगावाट है।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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कभी बिजली बिल की चिंता से घिरे रहने वाले बहुत से लोग अब घर पर बिजली पैदा कर रहे हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजी) के तहत छतों पर लगे सोलर पैनल अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहे हैं। जिले में प्रतिदिन करीब 1500 मेगावाट बिजली की मांग रहती है। मांग की तुलना में करीब 20 फीसदी बिजली का उत्पादन 92,049 लोगों के घरों की छतों पर लगे सोलर पैनलों से किया जा रहा है।

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उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के मुताबिक लखनऊ में उपभोक्ताओं के घरों पर लगे सोलर संयंत्रों से वर्तमान में 328.276 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह तब है जब जिले की कुल बिजली मांग करीब 1500 मेगावाट है। यानी अब जरूरत का करीब 20 फीसदी हिस्सा घरों की छतों से ही निकालने लगा है।

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तीन वर्ष में तेजी से बढ़ा दायरा : सोलर पैनल का लगाकर बिजली की खपत कम करने का सिलसिला तेजी के साथ बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में 8,346 लोगों ने अपने घरों पर सोलर पैनल लगाए। 2025-26 में 24,461 और 2026-27 में 81,242 लोगों ने सोलर पैनल लगवाए। वर्ष 2027-28 के लिए जिले का कुल लक्ष्य 99,082 निर्धारित किया गया है लेकिन उसके मुकाबले अब तक 92,049 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।

सब्सिडी, ईएमआई और फायदा
पीएमएसजी योजना में एक किलोवाट का संयंत्र स्थापित करने पर 45,000 रुपये, दो किलोवाट पर 90,000 रुपये और 3-5 किलोवाट पर 1.08 लाख रुपये तक अनुदान है। तीन किलोवाट प्लांट की स्थापना के लिए बैंक से सात प्रतिशत ब्याज पर लोन भी मिलता है जिसकी ईएमआई करीब 1800 रुपये होती है। इसका फायदा 25 साल तक होता है।

यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी टीकाराम का कहना है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ता को करीब 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती है। 6 जिले में 92,049 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। अपने घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए करीब 1.29 लाख लोग पोर्टल पर आवेदन कर चुके हैं। उपभोक्ता काफी खुश हैं, क्योंकि इससे उनका बिजली का बिल कम आ रहा है।

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पीएम सूर्य घर योजना: फैक्ट फाइल

योजना के तहत पोर्टल पर हुए आवेदन 1,29,256
वेंडर का चयन करने वाले उपभोक्ताः 1,27,154
सब्सिडी प्राप्त करने वाले कुल उपभोक्ता: 87,038

1825 किसान भी कम कर रहे बिजली की निर्भरता
जिला कृषि अधिकारी तेगबहादुर सिंह ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के तहत जिले के 1825 किसान सोलर पंप से सिंचाई करते हैं। 60 फीसदी अनुदान पर इन किसानों को दो से 10 हार्सपॉवर क्षमता के पंप के लिए सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। अभी इन्हें ग्रिड से नहीं जोड़ा गया है लेकिन भविष्य में ग्रिड से जोड़ने की योजना है। इससे भी बिजली की निर्भरता कम हो रही है।

प्रति किलोवाट लागत 60 हजार रुपये पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगने वाले सोलर प्लांट की अनुमानित लागत करीब 60 हजार रुपये प्रति किलोवाट आती है। सोलर प्लांट कमीशनिंग के बाद सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में जमा कर दी जाती है।
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