जून माह की शुरुआत होते ही मानसून का टकटकी लगाए इंताजर करते लोगों को बृहस्पतिवार को बरसा पानी राहत जरूर दे गया। सुबह से चुभने वाली धूप पसीना निकाल रही थी, कि दोपहर होते ही अचानक से उमड़-घुमड़ कर कहीं से चले आए बादलों को देख लोगों की आंखें चमक उठीं। बूंदा-बांदी से शुरू हुई बारिश तेज हवा संग बौछारों में बदल गई और देखते ही देखते मौसम सुहाना हो गया। हालांकि आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र में महज 2.2 मिमी बारिश ही दर्ज हुई है, लेकिन यह भी लोगों के लिए बहुत रही।
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक जेपी गुप्ता व लखनऊ विश्वविद्यालय के भूगर्भ शास्त्री प्रो. ध्रुवसेन सिंह कहते हैं कि सुबह से बढ़ी वातावरण में नमी बारिश का मुख्य कारण है। हालांकि एक दिन पहले तक पानी-आंधी के कोई आसार नहीं थे। दोनों विशेषज्ञ कहते हैं कि आमतौर पर स्थानीय बदलाव से कभी-कभी एसे हालात बनते हैं।
जेपी गुप्ता के अनुसार, मानसून केरल तक जरूर पहुंचा, लेकिन उत्तर प्रदेश तक इसके आने को लेकर आज की तारीख में कुछ कहना गलत होगा। फिलहाल एक हफ्ते का और इंतजार कीजिए, उसके बाद संकेत मिलने लगेंगे। अभी इस तरह के स्थानीय बदलावों के कारण मौसम का एसा रुख बीच-बीच में दिखता रहेगा।
बारिश तो कम हुई, पर झमाझम का अहसास करा गई
मौसम बुलेटिन के मुताबिक दिन का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं आद्रता 86 डिग्री रही। बुलेटिन में प्रदेश के अन्य जिलों में कहीं बारिश रिकार्ड नहीं है। लखनऊ में कल पारा बढ़ने और मौसम साफ रहने के आसार दिखाए जा रहे हैं।