पुलिस की प्राथमिक जांच में सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 68 लाख रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है। पकड़ा गया आरोपी मनीष यादव फर्रुखाबाद के शिकोहाबाद का रहने वाला है।
उसके साथ आई महिला पलक ठाकुर गोमती नगर विस्तार में रहती है। दुर्गेश यादव के खिलाफ लखनऊ और गोरखपुर में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दो साल पहले उसके खिलाफ हजरतगंज थाने में नौकरी के नाम पर ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ था।
दुर्गेश को गोरखपुर के उरुवा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी बताया जा रहा है। वहां उसके खिलाफ डकैती व लूट के भी मुकदमे दर्ज हैं।