मलिहाबाद बूचड़ खानों में वध के लिए जा रहे दुधारू पशुओं से भरे ट्रकों को मलिहाबाद पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ लिया। पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर ट्रकों से बरामद मवेशियों को स्थानीय गोपेश्वर गौशाला के सुपुर्द करते हुए ट्रकों को सीज कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक सियाराम वर्मा ने बताया पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य लंगहे के निर्देशन में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग अभियान के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि लखनऊ की तरफ से आ रहे आठ ट्रकों में ठूस ठूस कर दुधारू मवेशी भरे है।
यह सभी दुधारू मवेशी बरेली के एक अवैध स्लाटर हाउस में वध करने के लिए जा रहे है। जिसके बाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर ट्रकों को रोका गया और सन्देह के आधार पर चेकिंग गयी। तो सभी ट्रकों में ठूस ठूस कर काले रंग की (भैंस) मवेशी भरे थे। जिसमे दो मवेशी मृत अवस्था मे थी। ट्रक में मौजूद चालक व अन्य लोगो से मवेशियों के बारे में पूछताछ की गयी तो उन्होंने बरेली स्थित एक स्लाटर हाउस की जानकारी दी।
बरेली पुलिस से सम्पर्क करने पर जानकारी हुई कि ट्रक चालकों द्वारा बताए जा रहे स्लाटर हाउस के नाम से कोई रजिस्ट्रेशन नही है। जिसके बाद पशुक्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए। ट्रकों में सवार 17 आरोपियों को हिरासत में लेते हुए। ट्रकों से बरामद 151 मवेशी स्थानीय गौशाला के सुपुर्दगी में दे दिए गए है।
गौतमपल्ली में रेलवे बोर्ड के अधिकारी राजेश दत्त बाजपेई की बेटी को केजीएमयू में भर्ती करा दिया गया है। सोमवार रात परिवारीजन व पुलिस की एक टीम उसे लेकर केजीएमयू पहुंची। बच्ची की निगरानी के लिए सादे कपड़ों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उधर, बच्ची के जाने के बाद रेलवे अफसर की कोठी में सन्नाटा पसर गया है।
गौतमपल्ली इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश ने बताया कि जेजे बोर्ड की टीम ने बच्ची की हालत देखने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराने की स्वीकृति दी थी। सोमवार रात बच्ची को केजीएमयू में भर्ती कर लिया गया। केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि बच्ची को अलग कमरे में रखा गया है। चिकित्सकों की एक टीम उसकी निगरानी व देखभाल कर रही है।
बच्ची की जांचें की जा रही हैं। ताकि उसमें अवसाद और अन्य तरह की मानसिक बीमारी की वजह का पता लगाया जा सके। फिलहाल बच्ची का मन-मस्तिष्क शांत बनाए रखने के लिए उसे कुछ दवाएं दी जा रही हैं। डॉ. सुधीर ने बताया कि बच्ची अभी सामान्य रूप से लोगों से बातचीत कर रही है और भोजन-पानी भी ले रही है। दोपहर में उसने भरपूर नींद भी ली है।
जांच रिपोर्ट और बच्ची के व्यवहार का आकलन करने के बाद दवा की डोज बढ़ाई या घटाई जा सकती है। उधर, रेलवे अफसर राजेश दत्त बाजपेई की कोठी पर सोमवार रात से ही सन्नाटा पसर गया है। बच्ची के केजीएमयू में भर्ती होने के बाद वहां ठहरे रिश्तेदार चले गए हैं। मंगलवार को आने-जाने वाले भी नजर नहीं आए।