कानपुर व जालौन में इस संबंध में कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सपो में यूपी, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु व महाराष्ट्र का विशेष फोकस होगा। यहां आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस, साइबर सिक्योरिटी, सॉफ्टवेयर निर्यात, सुरक्षित संवाद व नवीनतम औद्योगिक उपायों पर चर्चा होगी। एक्सपो के लिए अब तक 22118 स्क्वायर मीटर भूखंड आरक्षित कराया जा चुका है। प्रदर्शनी के लिए अब तक 302 एजेंसियों ने पंजीकरण करा लिया है। इनमें 43 विदेशी कंपनियां हैं।
एक्सपो से पहले प्रदेश की रक्षा तथा एअरोस्पेस नीति में संशोधन
डिफेंस एक्सपो से पहले रक्षा क्षेत्र के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार यूपी रक्षा तथा एअरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 में संशोधन करेगी। सरकार ने अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए मौजूदा नीति के अलावा कई अतिरिक्त सुविधाएं देने पर विचार कर रही है। संबंधित कैबिनेट नोट पर विभागों से विचार-विमर्श जारी है। आयोजन से पहले इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है।
विभाग -- मांग
आवास विकास परिषद -- 2190.54
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम -- 1509.00
नगर निगम -- 2003.82
पुलिस -- 200.00
एलडीए -- 56.77
यूपीडा -- 700.00
टेंट सिटी निर्माण के लिए -- 4480.00
एसी बस, गाइड, स्मारकों में भ्रमण फीस -- 18.84
फायर सेफ्टी -- 6.00
माध्यमिक शिक्षा -- 10.29
मंडलायुक्त लखनऊ -- 22.42
ट्रांसपोर्ट -- 4.00