फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: अस्पताल की लापरवाही से प्रसूता की मौत, जावित्री अस्पताल के संचालक और बेटी पर केस; कमिश्नर ने दिया आदेश

Wed, 09 Jul 2025 06:51 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Lucknow Javitri Hospital: जावित्री अस्पताल एवं टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के संचालक डॉ. राजुल त्यागी और उनकी बेटी डॉ. लावण्या के खिलाफ लापरवाही के कारण मौत होने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई है। 
विज्ञापन
जावित्री अस्पताल विवादों में। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीजीआई थाने में मंगलवार को जावित्री अस्पताल एवं टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के संचालक डॉ. राजुल त्यागी और उनकी बेटी डॉ. लावण्या के खिलाफ लापरवाही के कारण मौत होने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस कमिश्नर से फैजुल्लागंज के नई बस्ती कृष्ण लोक कॉलोनी निवासी अमरदीप सरोज ने शिकायत की थी।

विज्ञापन


अमरदीप के मुताबिक, उन्हें और उनकी पत्नी अंजली को संतान चाहिए थी। इस सिलसिले में दो साल पहले उन्होंने तेलीबाग स्थित जावित्री अस्पताल में डॉ. राजुल त्यागी से संपर्क किया। उन्होंने टेस्ट ट्यूब के जरिये संतान होने का दावा किया था। सहमत होने पर आरोपी ने उनसे 50 हजार रुपये ले लिए थे। अमरदीप का आरोप है कि 28 अगस्त 2023 को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। यहां परीक्षण में सब सामान्य होने के बावजूद डॉक्टर राजुल ने पत्नी को भर्ती कर लिया और बिना बताए 31 अगस्त को उसका ऑपरेशन भी कर दिया। अमरदीप ने कहा कि पत्नी ने दो बेटियों को जन्म दिया। डॉक्टर और उसकी बेटी ने उन्हें जच्चा-बच्चा के स्वस्थ होने की जानकारी दी।

प्रसूता की दोनों किडनी फेल होने की कही बात
रात 11 बजे तक भी जब पत्नी को सामान्य वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया तो अमरदीप ने आरोपी से इसका कारण पूछा। इस पर डॉक्टर राजुल ने पत्नी की दोनों किडनी खराब होने की बात कहते हुए खून का प्रबंध करने को कहा। आरोप है कि पत्नी की अधिक हालत खराब होने पर आरोपी व उसकी बेटी ने डायलिसिस का बहाना बनाते हुए उसे वैलनेस मेडिसिन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। छह सितंबर को पत्नी की अस्पताल में ही मौत हो गई। पीड़ित ने जब 20 दिसंबर 2023 को डॉक्टर पिता और बेटी के खिलाफ पीजीआई थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने उन्हें जांच के बहाने दो साल तक टरकाया। परेशान पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। जांच के बाद कमिश्नर ने पीजीआई पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें