एससी-एसटी एक्ट के मामले में बिना कारण बताए आरोपी को गिरफ्तार करने और कोर्ट में पेश करने पर एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने मड़ियाव पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए आरोपी को रिहा कर दिया। कोर्ट ने आरोपी अशर्फी लाल को 50 हजार रुपये के मुचलके और अंडरटेकिंग दाखिल करने का आदेश दिया है।
गणेश विसर्जन के लिए गई युवती का अपहरण करने के आरोपी सचिन की जमानत अर्जी को एडीजे धीरेंद्र कुमार ने खारिज कर दिया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि वादिनी ने महानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक वादिनी की 23 साल की बेटी गणेश विसर्जन में शामिल होने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि उनकी बेटी की बातचीत सचिन नाम के लड़के से होती है।
आशंका है कि सचिन ही उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। वहीं, आरोपी की ओर से कहा गया कि वह निर्दोष है। आरोपी की मुलाकात वादिनी की बेटी से सोशल मीडिया पर हुई थी, जो बाद में अच्छी दोस्ती में बदल गई। आरोपी ने पीड़िता का अपहरण नहीं किया है और न ही उसे लड़की के बारे में कुछ जानकारी है।