सिलिंडर के लिए लाइनों में लगे लोग।
- फोटो : amar ujala
गैस एजेंसियों ने ग्राहक के घर तक सिलिंडर की आपूर्ति करने के लिए ठेकेदारों को नियुक्त कर रखा है। ये ठेकेदार बुकिंग के 100 सिलिंडर गोदाम से लेकर जाते तो हैं, लेकिन इसमें से 30 से 40 मनमाने दाम में बेच रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं के घर सिलिंडर नहीं पहुंच रहे, उनकी शिकायत पर कार्रवाई भी नहीं हो रही।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने कहा....
जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रकाश ने कहा कि राजधानी में गैस वितरण मामले को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के एरिया मैनेजर विशाल भरत देख रहे, आप उन्हीं से बात कर लें। विशाल भरत को पांच बार कॉल करने व मेसेज भेजने पर भी कोई जवाब नहीं मिला।
सर्वर पर दस गुना बढ़ा बुकिंग का बोझ
तेज उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक संजय भंडारी का कहना है कि ऑयल कंपनियों के सर्वर पर आम दिनों के मुकाबले इस वक्त सिलिंडर बुकिंग का बोझ दस गुना बढ़ गया जिससे सॉफ्टवेयर सिस्टम प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में गोदाम में गैस सिलिंडर का स्टॉक होने पर भी ग्राहकों को आपूर्ति नहीं मिल पा रही। 24 घंटे के भीतर बुकिंग सिस्टम बेहतर हो जाएगा। इसके लिए तकनीकी टीम काम कर रही है।
की जा रही है अवैध रिफिलिंग।
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- शहर में विभिन्न कंपनियों की करीब 150 गैस एजेंसियां हैं। इनके गोदाम में स्टॉक की नियमित जांच होनी चाहिए।
- बुकिंग वाले सिलिंडरों की आपूर्ति बैकलॉग को अभियान चलाकर पूरा कराया जाए जिससे लोगों के मन से संकट का भय दूर हो।
- वितरण करने वाले डिलीवरीमैन के पास मौजूद सिलिंडरों की संख्या, उनमें गैस के वजन आदि की रेंडम जांच हो।
- होटल, रेस्टोरेंट, पटरी दुकानदारों, खानपान सामग्री निर्माण इकाइयों के यहां घरेलू सिलिंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल की जांच कर कड़ी कार्रवाई हो।
- पुलिस तंत्र की सहायता से गैस चोरी एवं सिलिंडर की अवैध रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चले।