लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस जैसी वीआईपी ट्रेनों में भले ही वेटिंग चल रही हो, लेकिन लखनऊ से नई दिल्ली के बीच चल रही एसी चेयरकार ट्रेनों को ढूंढ़े यात्री नहीं मिल रहे हैं, जिससे रेलवे प्रशासन के माथे पर परेशानी छलकने लगी है। 746 तक सीटें खाली हैं, जिससे मुश्किलें बढ़ रही हैं।
लखनऊ जंक्शन से आनंदविहार के बीच चलने वाली डबलडेकर एक्सप्रेस हाल ही में दोबारा शुरू की गई है। यह ट्रेन पिछले करीब तीन साल से बंद थी। यात्रियों की लगातार डिमांड के बाद इस ट्रेन को शुरू किया गया। लेकिन उम्मीद के मुताबि ट्रेन को पैसेंजर नहीं मिल रहे हैं, जिससे सैकड़ों सीटें खाली हैं। यह ट्रेन लखनऊ जंक्शन से सुबह करीब पांच बजे रवाना होती है। जबकि छह बजे देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का संचालन होता है।
एक घंटे के अंतर पर बेहतरीन सुविधाओं वाली ट्रेन मिलने के कारण भी यात्री नहीं मिल रहे। जिससे ऑक्यूपेंसी कम हो गई है। हालांकि, रेलवे प्रशासन की दलील है कि इन दिनों डबलडेकर ही नहीं, बल्कि चेयरकार ट्रेनों को पैसेंजर नहीं मिल रहे हैं। इसमें डबलडेकर के साथ शताब्दी एक्सप्रेस व तेजस एक्सप्रेस भी शामिल हैं, जिनमें सैकड़ों की संख्या में सीटें खाली हैं।
लखनऊ से आनंदविहार जाने वाली डबलडेकर एक्सप्रेस में मंगलवार को चेयरकार में 527 सीटें खाली हैं। गुरुवार को 746, शुक्रवार को 759 व रविवार को 695 सीटें रिक्त हैं। ट्रेन का किराया 665 रुपये है। जबकि शताब्दी की चेयरकार में मंगलवार को 332 सीटें, गुरुवार को 553 सीटें, शुक्रवार को 512 तथा रविवार को 542 सीटें खाली हैं, जिनका किराया 1390 रुपये पहुंच गया है। इस ट्रेन की एग्जीक्यूटिव क्लास में उपरोक्त दिनों में एक वेटिंग है।
गुरुवार को नौ सीटें खाली हैं, शुक्रवार को एक वेटिंग व रविवार को एक सीट खाली है। वहीं देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस मंगलवार को नहीं संचालित होती। ट्रेन की चेयरकार में गुरुवार को 371, शुक्रवार 383 व रविवार 357 सीटें खाली हैं। जिनका किराया 1361 रुपये है। जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास में गुरुवार को 80, शुक्रवार को 82 व रविवार को 92 सीटें खाली हैं। जिसका किराया 2321 रुपये पहुंच गया है। डायनेमिक फेयर होने के कारण यह किराया और भी महंगा हो जाता है।
सस्ती है डबलडेकर
डबलडेकर 665 रुपये 8 घंटे
तेजस 1361 रुपये 6.15 घंटे
शताब्दी 1390 रुपये 6.45 घंटे