पालतू कुत्तों के लिए आवश्यक होता है लाइसेंस।
- फोटो : अमर उजाला।
शहर में बिना लाइसेंस कुत्ता पालने की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। नगर निगम इसी महीने पालतू कुत्तों का लाइसेंस जांचने के लिए अभियान चलाएगा। अभियान के दौरान बिना लाइसेंस कुत्ता पालने वाले से पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। जिन्होंने पहले लाइसेंस बनवाया, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया, उनसे प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से विलंब शुल्क लिया जाएगा
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. अभिनव वर्मा ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल से जून तक 1450 डॉग लाइसेंस ही बने हैं, जबकि अनुमानित तौर पर 10,000 से अधिक लोगाें ने कुत्ता पाल रखा है। अब अभियान चलाकर लाइसेंस की जांच होगी। बिना लाइसेंस कुत्ता पालने वालों से जुर्माना और नवीनीकरण न करवाने वालों से विलंब शुल्क वसूला जाएगा। जुर्माना जमा न करने पर कुत्ता जब्त भी किया जाएगा।
ऐसे बनवा सकते हैं कुत्ता पालने का लाइसेंस
कुत्ता पालने वाले नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट lmc.up.nic.in पर घर बैठे लाइसेंस बनवा सकते हैं। ऑफलाइन लाइसेंस बनवाने की सुविधा पहले की तरह है। देसी कुत्ते का लाइसेंस शुल्क 200 तथा विदेशी नस्ल के कुत्ते के लिए 1000 रुपये है। अलग-अलग कुत्ते के लिए अलग लाइसेंस लेना होगा। लाइसेंस की अवधि अप्रैल से मार्च तक एक वर्ष के लिए होती है। लाइसेंस प्रक्रिया या अन्य जानकारी के लिए पशु पालक निगम कर्मी जयंत सिंह से मोबाइल नंबर 9511156792 पर संपर्क कर सकते हैं।