व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास व उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इसी क्रम में आईबीएम वैश्विक मांग को देखते हुए हमारे विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम भी तैयार करने में सहयोग करेगा।
प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार व स्वरोजगार के अवसर देने के लिए कौशल विकास मिशन आईबीएम की सहयोगी संस्था रेड हैट के माध्यम से उन्हें वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण देगा। इसकी शुरुआत इंजीनियरिंग कॉलेजों तथा राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के 10 हजार छात्रों से होगी। जिनको यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करायी जाएगी।
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व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास व उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इसी क्रम में आईबीएम वैश्विक मांग को देखते हुए हमारे विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम भी तैयार करने में सहयोग करेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को विदेश में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए ओरिजनल इक्विपमेंट्स मैन्यूफेक्चरर्स (ओईएम) पॉलिसी तैयार की गयी है।
कौशल विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आईटी-आईटीईएस नीति काफी कारगर होगी। इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के जरिये प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। प्रशिक्षण के बाद यह संस्थाएं इन्हें ग्लोबल सर्टिफिकेट भी देंगी।
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इससे देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे। ओईएम पॉलिसी से प्रदेश के आईटी सेक्टर में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी को दूर करने के साथ ही बड़ी संख्या में प्रशिक्षित इंजीनियर तैयार किये जा सकेंगे।