प्रदेश के छह पुराने मेडिकल कॉलेज- आगरा, झांसी, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ और प्रयागराज अब टेलीमेडिसिन के जरिये एसजीपीजीआई से जुड़ जाएंगे। इसके बाद इन मेडिकल कॉलेजों को भी सुपर स्पेशलिस्ट विशेषज्ञों का लाभ मिल पाएगा। यह काम टेली आईसीयू प्रोजेक्ट के तहत होगा। इसके बाद इन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू पीजीआई के संपर्क में रहेंगे। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने स्वतंत्रता दिवस पर यह जानकारी दी।
बताया कि संस्थान में डायबिटिक सेंटर का काम जल्द पूरा हो जाएगा। संस्थान में मेडिकल, पैरामेडिकल, ट्यूटर जैसे कैडर में नई भर्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू हो रही है। नर्सिंग और कर्मचारी महासंघ की मांगों को ध्यान में रखते हुए वर्दी भत्ता व द्विभाषी भत्ता दिया जा रहा है। संवर्ग पुनर्गठन भी जल्द किया जाएगा। फाइलों के जल्द निस्तारण के लिए ई-ऑफिस शुरू होने के साथ यूरोलाजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, कार्डियक सर्जरी, एंडोसर्जरी विभागों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई है।
संस्थान के कार्यपालक कुलसचिव लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण बाजपेयी ने कहा कि काम करने से कोई बीमार नहीं पड़ता, बल्कि बीमारी की वजह आलस होता है। मौके पर संस्थान में निदेशक इलेवन व टीम इलेवन के बीच क्रिकेट मैच भी हुआ, जिसे निदेशक इलेवन ने जीता। अवसर पर संस्थान के कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. नारायण प्रसाद, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. वीके पॉलीवाल, संयुक्त निदेशक प्रशासन प्रो. रजनीश कुमार सिंह व अन्य थे।