विस्तृत जांच के लिए मुख्य अभियंता अनिल कुमार तिवारी ने अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जांच में एसडीओ सत्यार्थ गंगवार, जेई सुबोध कुमार यादव, कृष्णपाल वर्मा, बिलिंग एजेंसी सुपरवाइजर अविनाश, इंद्रजीत यादव एवं दो लाइनमैन फंस गए हैं।
चिनहट के शिवपुरी उपकेंद्र इलाके में लगभग 150 तालाबों (मत्स्य पालन) को बिना एस्टीमेट जमा कराए ही बांस-बल्ली पर अस्थायी बिजली कनेक्शन दिए गए थे। अब इसकी जांच शुरू हो गई है। यहां बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की भी शिकायतें हुई हैं। फौरी जांच में इलाकाई एसडीओ (उपखंड अधिकारी) एवं जेई (अवर अभियंता) समेत सात कर्मचारी फंस गए हैं।
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उधर, विस्तृत जांच के लिए मुख्य अभियंता अनिल कुमार तिवारी ने अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जांच में एसडीओ सत्यार्थ गंगवार, जेई सुबोध कुमार यादव, कृष्णपाल वर्मा, बिलिंग एजेंसी सुपरवाइजर अविनाश, इंद्रजीत यादव एवं दो लाइनमैन फंस गए हैं।
मुख्य अभियंता ने समिति से कहा कि सभी की मिलीभगत के कारण बिना एस्टीमेट जमा कराए एवं लागत से कम एस्टीमेट बनाकर अस्थायी बिजली कनेक्शन देने का खेल चल रहा था, जिनकी विस्तृत जांच की जाए। मुख्य अभियंता ने छह बिंदुओं पर एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। इस मामले की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत हुई थी, जिनके निर्देश पर जांच शुरू हुई है।
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ऐशबाग एसडीओ पर नहीं हो सकी कार्रवाई
लेवाना सुइट्स होटल अग्निकांड के बाद भी ऐशबाग एसडीओ मुकेश कुमार ने खजुहा स्थित एक अपार्टमेंट को गुपचुप तरीके से पांच किलोवाट का बिजली कनेक्शन दे दिया। जबकि अवैध होने के कारण इस अपार्टमेंट को कनेक्शन नहीं दिया जाना चाहिए था। कनेक्शन देने के लिए विद्युत लोड को भी एक्सईएन से स्वीकृत नहीं कराया।