लेवाना होटल अग्निकांड की घटना के बाद अग्निशमन विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अफसरों के साथ साथ कई महत्वपूर्ण जिलों के सीएफओ को बदले जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
सूत्रों ने बताया कि अग्निशमन मुख्यालय की ओर से तीन दर्जन से अधिक अफसरों को बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें लखनऊ के सीएफओ वीके सिंह का भी नाम शामिल है। वीके सिंह को लखनऊ से हटाकर अलीगढ़ भेजा जा सकता है। वहीं नोएडा, मुरादाबाद, सहारनपुर, गाजियाबाद, बरेली व आगरा के सीएफओ भी बदले जा सकते हैं।
कहीं दोहरा न दी जाए विराट होटल जैसी कार्रवाई
साल 2018 में चारबाग में विराट होटल में हुई आग की घटना में पांच लोगों की मौत के बाद भी शासन ने इसी तरह की सख्ती दिखाई थी। जिस मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभयभान पांडेय ने एनओसी दी थी, उसे रिपोर्ट में दोषी पाया गया था। जब घटना हुई उस समय अभयभान रिटायर हो चुके थे। ऐसे में सरकार ने सजा के तौर पर उनकी पेंशन में से 20 प्रतिशत की कटौती कर दी। अभयभान ने लोक सेवा अभिकरण में रिट दायर की जहां फैसला उनके पक्ष में हुआ और सरकार द्वारा दी गई सजा को निरस्त कर दिया गया।
अभिकरण ने माना की उत्तर प्रदेश अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा अधिनियम 2005 के तहत 15 मीटर से कम ऊंचाई की इमारत में मुख्य अग्निशमन अधिकारी का निरीक्षण करना अनिवार्य नहीं है। इस आधार पर पहले ट्रिब्यूनल फिर हाईकोर्ट और आखिर में हाईकोर्ट ने अभयभान पांडेय को दोषी नहीं माना और उनके खिलाफ पारित किए गए दंड को निरस्त कर दिया। अब लेवाना कांड के बाद भी इसी तरह की खामियां रहीं तो आरोपियों को फिर से बचने का मौका मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय कर रहा है रिपोर्ट का अध्ययन
उधर, लेवाना होटल अग्निकांड में रिपोर्ट लखनऊ के पुलिस आयुक्त एसबी शिरडकर और लखनऊ की मंडलायुक्त रौशन जैकब ने मुख्यमंत्री को सौंप दी है। रिपोर्ट का मुख्यमंत्री कार्यालय अध्ययन कर रहा है। सूत्रों का कहना है जल्द ही इस मामले में दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सिर्फ एलडीए व अग्निशमन विभाग के अधिकारी ही दोषी नहीं बल्कि उन सभी विभाग के संबंधित अधिकारी व कर्मियों की भूमिका रही है जिनका वास्ता लेवाना होटल से रहा है। इसमें बिजली का कनेक्शन देने वाला बिजली विभाग, पर्यटन की एनओसी देने वाला पर्यटन विभाग, होटल के रूप में स्वीकृति देने वाले नगर निगम के अधिकारियों भी जांच के दायरे में हैं।