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Lucknow News : ध्वस्त यातायात व्यवस्था के चलते हटाए गए लखनऊ और कानपुर के पुलिस कमिश्नर

Mon, 01 Aug 2022 06:57 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

लखनऊ पुलिस आयुक्त को हटाए जाने की एक वजह पूर्व की घटनाएं हैं। जिसमें लुलु माल प्रकरण प्रमुख रहा। यहां कई दिनों तक विवाद चलता रहा। विवाद को शांत करने की कोशिश भी नहीं की गई। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हस्तक्षेप करना पड़ा जिसके बाद विवाद शांत हुआ।
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लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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शनिवार देर रात लखनऊ-कानपुर मार्ग पर लगे लंबे जाम और बेलगाम हो चुकी शहर की यातायात व्यवस्था के चलते लखनऊ व कानपुर के पुलिस आयुक्तों को अपने पद से हाथ धोना पड़ गया। हालांकि कार्रवाई की और भी वजह बताई जा रही है, लेकिन तात्कालिक वजह लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में कानपुर-लखनऊ मार्ग पर लगा घंटों का जाम बना। मामला सोशल मीडिया पर हाईलाइट हुआ तो कार्यवाहक डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान ने एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को मौके पर भेजा, जिन्होंने किसी तरह यातायात को डायवर्ट करा कर जाम खुलवाने में मदद की। उसके बाद देर रात कार्रवाई करते हुए लखनऊ के पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर और कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा को प्रतीक्षारत कर दिया गया। इंटेलीजेंस में तैनात एडीजी एसबी शिरडकर को लखनऊ और पुलिस मुख्यालय पर साढ़े छह साल से एडीजी बीपी जोगदंड को कानपुर की जिम्मेदारी दे दी गई।

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इसके अलावा 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए डीजी विश्वजीत महापात्रा के स्थान पर सीबीसीआईडी के डीजी जीएल मीणा को भेज दिया गया। होमगार्ड के डीजी विजय कुमार को सीबीसीसीआईडी और लॉजिस्टिक में तैनात डीजी बीके मौर्या को होमगार्ड का डीजी बना दिया गया। बीके मौर्य के पास होमगार्ड के साथ लॉजिस्टिक का अतिरिक्त चार्ज रहेगा।

शीर्ष स्तर पर लखनऊ पुलिस आयुक्त से चल रही थी नाराजगी
सूत्रों का कहना है कि लखनऊ पुलिस आयुक्त को हटाए जाने की एक वजह पूर्व की घटनाएं हैं। जिसमें लुलु माल प्रकरण प्रमुख रहा। यहां कई दिनों तक विवाद चलता रहा। विवाद को शांत करने की कोशिश भी नहीं की गई। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हस्तक्षेप करना पड़ा जिसके बाद विवाद शांत हुआ। इसके अलावा लखनऊ पुलिस आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर भी उच्चाधिकारियों में नाराजगी थी। उच्चाधिकारियों को शिकायत थी कि वह बात नहीं सुनते।
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इसलिए हटे कानपुर के पुलिस आयुक्त
कानपुर के पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा को चुनाव आयोग ने तैनाती दी थी। वहां पुलिस आयुक्त रहे असीम अरुण ने वीआरएस ले लिया था। जिसके बाद विजय सिंह मीणा को 13 जनवरी को कानपुर का पुलिस आयुक्त बनाकर भेजा गया था। विजय सिंह मीणा को समाजवादी पार्टी का खासम खास माना जाता रहा है। हालांकि उन्हें बतौर आईजी रेंज ढाई साल तक भाजपा सरकार ने वाराणसी में बनाए रखा। बीते 3 जून को नुपुर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में प्रदर्शन की शुरुआत कानपुर से ही हुई थी। खास बात यह है कि जब कानपुर में प्रदर्शन हो रहा था उस दिन देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों कानपुर में थे। विजय सिंह मीणा के हटने की पटकथा उसी दिन लिख दी गई थी, लेकिन उनके स्थान पर किसे कानपुर भेजा जाए, इस पर निर्णय नहीं हो पा रहा था। बाद में कानपुर दंगे में फंसे लोगों से वसूली की शिकायत भी डीजीपी मुख्यालय व मुख्यमंत्री कार्यालय को मिली थी। इसी के चलते बीते दिनों  त्रिपुरारी पांडेय को हटा दिया गया था।

कौन हैं लखनऊ के नए पुलिस आयुक्त एसबी शिरडकर
लखनऊ के तीसरे पुलिस आयुक्त बने एसबी शिरडकर 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह प्रशिुक्षु आईपीएस के तौर पर पांच महीने पहले भी लखनऊ में नौकरी कर चुके हैं। सबसे पहले वह रूद्र प्रयाग (अब उत्तराखंड में) के एसपी बने थे, जिन्हें 13 दिन बाद हटाकर फिरोजाबाद का एसपी बना दिया गया था। फिरोजाबाद में लगभग 6 महीने एसपी रहने के बाद शिरडकर को डीजीपी मुख्यालय अटैच कर दिया गया। इसके अलावा वह बांदा, मैनपुरी, पीलीभीत, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी, वाराणसी और मथुरा के कप्तान भी रहे। वह 2008 से 2015 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी रहे। बीते साढ़े चार साल से शिरडकर इंटेलीजेंस में अपर पुलिस महानिदेशक के तौर पर काम कर रहे थे। शिरडकर की गिनती डीजीपी के करीबी अफसरों में होती है। 

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