उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि कोल्ड स्टोरेज मालिक किसानों से आलू के किराए की दर ज्यादा न वसूलें। उन्होंने कहा कि कई जगह से अधिक वसूली की शिकायतें आई हैं, जिसकी जांच की जा रही है। वे मंगलवार को अपने आवास पर अधिकारियों एवं उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के साथ बैठक कर रहे थे।
उद्यान राज्य मंत्री ने कहा कि आलू संकट अब खत्म हो रहा है। हालांकि बारिश ने किसानों को फिर से परेशान कर दिया है। कोल्ड स्टोरेज संचालक इस स्थिति को समझें और किसानों को सहयोग करें। कोल्ड स्टोर में आलू भंडारण की सालाना किराया दर इस साल भी पिछले साल जितनी ही है, इसे बढ़ाएं नहीं। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि दरें पिछली साल वाली ही हैं। मालूम रहे कि सामान्य आलू के लिए इस वर्ष किराया 230 रुपये प्रति क्विंटल और शुगर फ्री के लिए 260 रुपये प्रति क्विंटल तय है।
प्रदेश में चल रहे 1985 शीतगृह
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 में लगभग 6.94 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बोआई के सापेक्ष लगभग 242.93 लाख मीट्रिक टन उत्पादन अनुमानित है। वर्तमान में आलू भंडारण के लिए 1985 शीतगृह संचालित हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 165.82 लाख मीट्रिक टन है। अभी तक 134.55 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित हुआ है। 31.27 लाख मीट्रिक टन (18.86 प्रतिशत) की भंडारण क्षमता अभी बाकी है।