ठेका और कमीशनबाजी को लेकर नगर निगम ऑफिस में भिड़े ठेकेदार और कम्प्युटर बाबू
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। नगर के जोन आठ ऑफिस में तीन दिन पहले एक ठेकेदार और एक कम्प्युटर आपरेटर (बाबू ) के बीच ठेका और कमीशन के लिए लेन देन को लेकर खूब गाली गलौज हुई। दोनों में धक्का मुक्की भी हुई। किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी मगर उसके पहुंचने से पहले ही एक जोनल अभियंता ने मामले को रफादफा कर दिया क्योंकि मामला उनके कार्यालय के कक्ष का था जिससे उनकी किरकिरी हो सकती थी। हालांकि अपर नगर आयुक्त ने इस मामले के जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर नगर निगम के अभियंत्रण विभाग में कार्यदायी संस्थाओं से तैनात कम्प्युटर आपरेटरों के ठेकेदारी करने और हर फाइल पर कमीशन वसूली का मामला फिर एक बार सामने आ गया है। सूत्रों ने बताया कि जोन में आठ में अधिशासी अभियंता कार्यालय में कार्यदायी संस्था से तैनात जिस कम्प्युटर आपरेटर का मामला सामने आया है वह वहां लंबे समय से तैनात है और खुद ठेकेदारी भी करता है। इसके अलावा विभाग में इंजीनियरों के लिए कमीशन वसूली का जिम्मा भी इसी के पास है। जब फाइल पर कमीशन मिल जाता है तब ही इंजीनियर उसे आगे बढ़ाते हैं वरना उसे लटका दिया जाता है। इस कम्प्युटर आपरेटर का एक चचेरा भाई जोन छह इंजीनियरिंग विभाग में तैनात है। कहा जाता है कि वह भी ठेकेदारी करता है। यह हाल सिर्फ जोन एक, दो, तीन,चार, पांच और सात का भी है। एक ठेकेदार ने बताया कि यह कम्प्युटर आपरेटर ठेकेदारी तो करते ही हैं हर फाइल पर कमीशन भी लेते हैं। जिससे यह मालामाल हो गए हैं। यह कार्यदायी संस्था से हैं ऐसे में किसी भी जिम्मेदारी से भी बच जाते हैं। इतना ही नहीं नगर निगम के 40 नंबर कमरे में बैठने वाले कई बाबू भी दूसरों के नाम पर ठेकेदार करते हैं।
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कोट
ऐसी चर्चा आई है। इस बारे में पता कराया जाएगा कि क्या मामला है। जो दोषी होगी उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।
डा. अरविंद राव, अपर नगर आयुक्त