रोजगार, स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं की राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने उठाई मांग
डीआरएम को दिया मांग पत्र
कहा कागजी हैं सुविधा देने के दावे
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने मांग की है कि रेलवे के आधुनिकीकरण और निजीकरण के कारण कुलियों के सामने आए आजीविका के संकट को भारत सरकार और रेल मंत्रालय दूर करें। कुलियों को रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी, नियमित रोजगार, शिक्षा-स्वास्थ्य, वर्दी, विश्राम गृह आदि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को सुनिश्चित किया जाए। इसको लेकर हजरतगंज स्थित उत्तर रेलवे मंडल कार्यालय पर कुली प्रतिनिधियों ने जाकर डीआरएम को मांग पत्र दिया।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा के कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय कुली मोर्चा के लगातार प्रयासों के बाद रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय भारत सरकार ने देशभर में कार्यरत हजारों कुलियों की रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के संबंध में नौ बिंदुओं पर सभी डीआरएम को जांच का आदेश दिया था। दो महीने बीतने के बाद देश में बहुत सारी जगहों पर तो यह जांच शुरू ही नहीं हुई और धनबाद, भुसावल जैसे कुछ एक मंडलों में बिना कुलियों से संवाद किए हुए ही जांच रिपोर्ट लगाकर रेल मंत्रालय को भेज दी गई। यह बेहद अन्याय पूर्ण है। अब राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने डीआरएम से अनुरोध किया है कि वह विधिवत्त कुलियों का पक्ष जानकर उनकी स्थितियों की जांच कराए ताकि ग्रुप डी में नौकरी, नियमित रोजगार जैसे उनके सवाल हल हो सके।
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कागज पर दी जा रहीं सुविधाएं
मोर्चा के कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने कहा कि देश के रेल मंत्री अश्विन वैष्णव ने संसद में कहा कि कुलियों के लिए बहुतेरी सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं चलाई जा रही है जो उन्हें प्राप्त हो रही है। जमीनी सच्चाई इसके उलट है, कुलियों के बच्चों की शिक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। उनके परिवारजनों के इलाज के लिए उम्मीद और आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। इसी प्रकार विश्राम गृहों की भी हालत बेहद खराब है। समन्वयक ने कहा की गरिमापूर्ण जीवन संविधान में हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को इसे सुनिश्चित करना चाहिए। कुलियों के भी रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के प्रश्न को हल कर उनको अंधकारमय भविष्य से बचाया जाना चाहिए।
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