सीएचसी को बजट न मिलने से एक-एक सुई के लिए मोहताज
- रोगी कल्याण समिति का बजट खाली, उधार पर चल रही सीएचसी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राजधानी की सीएचसी उधार पर चल रही है। कई सीएचसी पर मरीजों के टांके तक नहीं लग पा रहे हैं। इसकी वजह बजट का संकट है। पिछले छह माह से कोई भी बजट सीएचसी को जारी नहीं हुआ है। ऐसे में सीएचसी एक-एक निडिल के लिए मोहताज हैं। रोगी कल्याण समिति का भी बजट जारी नहीं हुआ है। इससे सीएचसी संचालन पर संकट खड़ा हुआ है। सीएचसी प्रभारी बजट की मांग कर रहे है मगर वह नहीं मिल रहा है।
सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हाे रहा है। रोगी कल्याण समिति का सालाना बजट पांच लाख रुपये मिलता है। इसमें पहली किश्त ढाई लाख रुपये छह माह पहले मिली थी। जो मरीजों के हित में खर्च हो गई। अब रोगी कल्याण समिति में एक रुपये भी नहीं बचा है। मेडिकल कॉरपोरेशन से आपूर्ति न होने वाले सामान तक सीएचसी पर नहीं है। इसमें सूचर, निडिल, बीपी ब्लेड, ड्रेसिंग का अन्य सामान नहीं है। सीएचसी पर जाने वाले मरीज बाहर से सामन खरीद रहे हैं या फिर उन्हें निजी केंद्र पर जाना पड़ रहा है। सीएचसी प्रभारियों का कहना है कुछ सामान उधार पर वेंडर से लेकर काम चलाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया सीएचसी पर जो सामान नहीं है उसकी आपूर्ति की जाएगी। मरीजों को इलाज मिलने में किसी तरह की अड़चन नहीं आने दिया जाएगा।
हादसे में जख्मी मरीज को नहीं लगाए टांके
गोसाईगंज क्षेत्र में बीते दिनों सड़क हादसे में रामदयाल जख्मी हाे गए थे। पुलिस ने उन्हें सीएचसी गोसाईगंज में रात में पहुंचाया था। वहां इमरजेंसी में मरीज की मरहम पट्टी हो गई मगर टांके नहीं लग पाए। डॉक्टर ने मरीज को बताया सीएचसी में टांके नहीं है। ऐसे में वह दूसरे केंद्र पर जाकर लगवा ले। इसी तरह अन्य मरीजों को सामान न होने पर टरकाया जा रहा है।