ऑपरेशन में देरी से महिला की गई जान
- केजीएमयू और लोहिया में नहीं मिला पहले बेड, दलाल उठा ले गए निजी अस्पताल।
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। सरकारी संस्थानों में बेड न मिलने पर दलाल ने मरीज को निजी अस्पताल पहुंचा दिया। मरीज के हेड इंजरी का ऑपरेशन होना था। निजी अस्पताल ने दो दिन तक लिटाए रखा। परिजन जबरन मरीज को डिस्चार्ज कराकर ट्रामा में भर्ती कराया। यहां ऑपरेशन दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और वसूली का आरोप लगाया है।
बाराबंकी फतेहपुर निवासी पुष्पा देवी को सिर में चोट लग गई थी। परिजन रविवार को मरीज को लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया। बेड खाली न होने की बात कही। मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन मरीज को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां भी मरीज को बेड नहीं मिला। इसी दौरान दलाल की नजर मरीज पर पड़ी। दलालों ने मरीज से संपर्क किया। मरीज को बेहतर व सस्ता इलाज का झांसा दिया। जिसके बाद परिजन मरीज को निजी अस्पताल ले जाने को राजी हो गए। दलाल मरीज को चिनहट के धनवंतरी अस्पताल ले गया। यहां दो दिन मरीज को भर्ती रखा गया। करीब 40 हजार रुपए वसूल लिए। हालत गंभीर होने पर मरीज को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। मंगलवार को पुष्पा देवी को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पहले मरीज को स्ट्रेचर पर भर्ती किया। बाद में न्यूरो सर्जरी में शिफ्ट किया गया। बेटे मंजीत ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के बाद सिर के ऑपरेशन की सलाह दी। इसके लिए चार यूनिट खून का इंतजाम करने की सलाह दी। किसी तरह दो यूनिट खून का इंतजाम कर पाए। मरीज को दो यूनिट खून चढ़ाया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन से पहले दो यूनिट और खून का इंतजाम करने के लिए कहा। बृहस्पतिवार को मरीज को ओटी में ले जाया गया। ऑपरेशन दौरान मरीज की मौत हो गई। बेटे मंजीत का आरोप है मरीज को समुचित इलाज नहीं मिला समय पर इलाज मिल जाता तो मरीज की जान बच जाती। सबसे बड़ी लापरवाही निजी अस्पताल में हुई थी।