लखनऊ। जिला उद्योग बंधु, मंडलीय उद्योग बंधु की विफलता व उद्यमियों की बढ़ती हताशा को देखते हुए अब यूपीसीडा खुद अमौसी औद्योगिक क्षेत्र की बदहाली दूर करने के लिए मैदान में उतरा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुख्य कार्याधिकारी-यूपीसीडा के एसीओ शशांक त्रिपाठी ने शुक्रवार को दल-बल के साथ यहां निरीक्षण किया। इस क्षेत्र को अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत विकसित किया जाएगा, जिसकी कार्ययोजना मंगलवार आठ अगस्त तक तैयार होगी। अमर उजाला लगातार इस क्षेत्र की समस्याओं और उद्यमियों के संघर्ष को सामने ला रहा है। इसमें सक्षम अधिकारी की ओर से मामले पर संज्ञान लिए जाने की जरूरत जताई गई थी।
निरीक्षण से पहले उद्यमियों से मिलकर दिक्कतों को समझा
मुख्य कार्याधिकारी निरीक्षण से पहले सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के सभागार में क्षेत्र के उद्यमियों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। बैठक में श्याम कृष्णानी, अरुण भाटिया, वासुदेव चावला, राधेलाल यादव, सिमरन जीत सिंह, संजीव अग्रवाल समेत अन्य मौजूद रहे। इस दौरान अमौसी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव रजत मेहरा व अध्यक्ष शिव शंकर अवस्थी ने कुछ इस तरह समस्याओं को बिंदुवार बताया।
- 60 वर्ष पहले यह क्षेत्र विकसित हुआ, पर अभी तक पानी निकालने की व्यवस्था नहीं है। पूरा सिस्टम क्षतिग्रस्त है।
- पानी निकालने के इंतजाम के लिए 38 करोड़ रुपये की डीपीआर तो बनी, लेकिन कोई काम नहीं हुआ।
- यहां आठ हाईमास्ट और 50 खंभे हैं। हाालांकि, इनमें से सिर्फ दस ही जलते हैं।
- एसटीपी बनाने की बात भी लंबे समय से की जा रही है, पर कोई प्रगति नहीं दिखी।
- क्षेत्र से देसी शराब की दुकानें हटाने और एटीएम लगवाने की मांग की जा रही है। अतिक्रमण हटाने व बाहरी गाड़ी की पार्किंग को रोकने के लिए भी कहा जा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं।
- नगर निगम का कोई सफाई कर्मचारी नहीं आता। हालांकि, निगम गृहकर के मुकाबले तीन गुना अधिक टैक्स लेता है। नगर निगम को कुल टैक्स का 60 प्रतिशत औद्योगिक क्षेत्र के विकास पर खर्च करना चाहिए, पर ऐसा हो नहीं रहा।
- रोड एक और चार के दोनों ओर दो-दो फीट के फुटपाथ बना दिए गए हैं, जो किसी काम के नहीं हैं। इससे बरसात का पानी नाले तक नहीं जा पाता और जलभराव होता है। इससे सड़कें जल्द खराब हो रही हैं।
नगर निगम, जल निगम ने बचाव में दिए तर्क
लापरवाही को लेकर सवाल उठे तो नगर निगम के एक्सईएन ने तर्क दिया कि उन्होंने क्षेत्र की सड़कें बनाने के लिए 60 लाख रुपये एडवांस दिए हैं। उधर, जल निगम के अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए कहा, हम डीपीआर तैयार कर काम शुरू करेंगे। हालांकि, यह कब तक होगा, इस पर कुछ नहीं बोला।
फ्लैटेड फैक्टरी की संभावनाओं पर भी बात
रजत मेहरा ने एमएसएमई 2022 के तहत शामिल फ्लैटेड फैक्टरी (मल्टीस्टोरी फैक्टरी) की संभावनाओं पर भी विचार करने के लिए कहा। इस पर एसीओ ने कहा कि जल्द इस पर विचार होगा।
कोट्स
जल्द शुरू होगा विकास का काम
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुख्य कार्याधिकारी-एसीओ यूपीसीडा शशांक त्रिपाठी ने बताया कि यूपीसीडा सीईओ की ओर से दो अगस्त को पत्र जारी किया गया है। इसमें प्रदेश के आठ औद्योगिक क्षेत्रों की दिक्कतों को समझकर उन्हें दूर करने के लिए आठ अगस्त तक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। हमने प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के साथ लखनऊ में कुर्सी रोड, चिनहट और अब अमौसी का निरीक्षण किया है। अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इतनी रकम है कि हम क्षेत्र का विकास कर सकें। जल्द ही क्षेत्र के विकास को लेकर काम शुरू होगा।