इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा तालाब की जमीनों पर अवैध कब्जा कर व उसकी प्रकृति परिवर्तित कर गोमती नगर विस्तार में तमाम अपार्टमेंट बना दिए जाने के कथित मामले में विस्तृत शपथपत्र मांगा है।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर पारित किया। वर्ष 2012 में न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका के माध्यम से आरोप लगाया गया है कि एलडीए व जिला प्रशासन ने मलेशेमऊ गांव के 17 तालाब व 14 श्मशान घाटों तथा कब्रिस्तानों की जमीनों की प्रकृति बदलते हुए वहां तमाम अपार्टमेंट बना दिए है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का आदेश एलडीए को दिया व मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जनवरी की तिथि नियत की है।