रोडवेज के कैसरबाग डिपो की बस गंतव्य से कैसरबाग अड्डे वापस लौट रही थी। यह बस जब कलेक्ट्रेट चौराहे के पास पहुंची तो बिजली तार से टकरा गई। इससे चालक, परिचालक एवं सवारियों ने करंट के झटके महसूस किये।
लखनऊ में कैसरबाग क्षेत्र में सोमवार को उस वक्त बड़ा हादसा होने से टल गया, जब एरियल बंच कंडक्टर (बिजली लाइन का तार ) रोडवेज बस से टकराकर छत पर गिर गया। बस चालक एवं परिचालक के मुताबिक करंट का झटका लगने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सवारियों ने गेट एवं खिड़की से कूद करके जान बचाई। राहगीरों की मदद से बिजली के तार को बांस के सहारे बस से हटाया गया। यह बिजली का तार पिछले एक पखवारे से ढीला होकर लटक रहा था।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह घटना शाम चार बजे हुई। रोडवेज के कैसरबाग डिपो की बस गंतव्य से कैसरबाग अड्डे वापस लौट रही थी। यह बस जब कलेक्ट्रेट चौराहे के पास पहुंची तो बिजली तार से टकरा गई। इससे चालक, परिचालक एवं सवारियों ने करंट के झटके महसूस किये। बस में शोर मचा तो आसपास के लोग बांस लेकर दौड़े और बस को छू रहे बिजली तार को उठाया।
इसी बीच बस की 10-12 सवारियां भी नीचे उतर गयी थी। इनमें कई लोग तो खिड़की से नीचे कूदे थे। पिछले कई दिनों से यह बिजली का तार पोल झुकने के कारण मानक से नीचे आ गया था। इसकी शिकायत रेजीडेंसी उपकेंद्र पर की गई थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस घटना की जानकारी पर यूपी पॉवर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एम देवराज ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक भवानी सिंह खंगारौत से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने निर्देश दिए, इसमें जिसकी लापरवाही हो उसके खिलाफ कार्रवाई करके रिपोर्ट करें।