प्रदेश में निराश्रित गोवंश संरक्षण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की अवधि 16 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। पशुधन विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभी भी लगभग 45 हजार गोवंश निराश्रित व बेसहारा विचरण कर रहे हैं। इन गोवंशों का शत-प्रतिशत संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि 60 दिन के विशेष अभियान (01 नवंबर से 31 दिसंबर) में 1,84,060 गोवंश को संरक्षित किया गया। अभियान के दौरान 323 नये अस्थायी गो आश्रय स्थल तथा 536 गो आश्रय स्थलों में शेड लगाए गए। बेसहारा गोवंशों को पकड़ने के अभियान में 1574 विशेष दस्तों का गठन किया गया था। संरक्षित किये जाने वाले निराश्रित गोवंश के देखभाल व उनके चारे, भूसे, टीनशेड, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, उपचार, ठंड से बचाव आदि की समुचित व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गोवंश का संरक्षण व संवर्द्धन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। सरकार निराश्रित गोवंशों से फसलों के नुकसान व मार्ग दुर्घटनाओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए संकल्पित है। वर्तमान में 6168 अस्थायी गो आश्रय स्थल, 298 वृहद गो संरक्षण केन्द्रों, 253 कान्हा गो आश्रय तथा 314 कांजी हाऊस का निर्माण किया गया है। इसमें कुल 1,40,2491 गोवंशों को संरक्षित किया जा चुका है। निराश्रित गोवंश संरक्षण के संबंध में अपर मुख्य सचिव पशुधन डॉ. रजनीश दुबे ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है।