उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी सरकार में सहकारी बैंक लूट का अड्डा बन गई थी। बैंक के खजाने का अपने हितों के लिए उपयोग किया जा रहा था। बैंक डूबने की कगार पर पहुंच गईं थीं। हालात यह हो गए थे कि नौ बैंक बंद हो गईं। महज पांच बैंकों का संचालन हो रहा है। योगी सरकार पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। लिहाजा सहकारी बैंक धीरे-धीरे उबरने लगे हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मंगलवार को गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की 43वीं वार्षिक सामान्य निकाय बैठक को संबोधित कर रहे थे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि सभी विभाग प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। सहकारी ग्राम विकास बैंक ने भी रफ्तार पकड़ी है। डूबी बैंक फिर से उबर रही हैं। यह अधिकारियों व कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत के हिसाब से किसानों को ऋण मुहैया कराया जा रहा है। किसानों को समय पर किस्त चुकाने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है, ताकि बैंकों को किसी भी तरह का नुकसान न हो। उन्होंने ऋण वसूली को और तेज करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि बैंक दिल खोल कर ऋण दें, लेकिन उसे वापस जमा करने के लिए लोगों को प्रेरित भी करें। मौजूदा समय में 60 लाख किसान परिवार को बैंकों से जोड़ा जा चुका है।
सहकारिता आंदोलन चलाने की जरूरत
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रत्येक गांव में सहकारिता बैंक पहुंचे। यह सबकी सहभागिता से ही मुमकिन है। किसानों को मजबूती देने के लिए कोऑपरेटिव मूवमेंट चलाने की जरूरत है। यूपी के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि बैंकों को मजबूत बनाने के लिए खास रणनीति पर काम किया जा रहा है। अधिक से अधिक किसानों व दूसरे जरूरतमंदों तक बैंक पहुंच रही हैं। कार्यक्रम में नाबार्ड के एसके अरोडा, विजय शंकर राय आदि मौजूद रहे।