सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रविवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। उनसे समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लाने की भाजपा सरकार की कोशिशों का तीखा विरोध करते हुए उस पर अमल न किए जाने की मांग का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, मौलाना बिलाल हसनी नदवी, मौलाना नईमुर्रहमान आदि शामिल थे। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।
ज्ञापन में कहा गया है कि हमारा देश एक बहुसांस्कृतिक देश है। इसमें विभिन्न धर्मों और आस्थाओं से संबंध रखने वाले लोग एक साथ मिलजुलकर रहते हैं। इस तरह यह देश विविधता में एकता की एक बेहतरीन मिसाल हैं। केंद्र और राज्य सरकारें धार्मिक एवं सांस्कृतिक आजादी पर हमला करने और एक विशेष धर्म व संस्कृति को सभी लोगों पर थोपने की कोशिश कर रही हैं।