मुख्य सचिव ने बुधवार को सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि की आशंका के मद्देनजर अधिकारियों को राहत कार्य के लिए सजग और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में रेन गेज का कार्य तेजी से पूरा कराएं। बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी की बाढ़ इकाई और आपदा प्रबंधन टीम को 24 घंटे अलर्ट रखने के निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव ने बुधवार को सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सिंचाई एवं जल संसाधन के साथ-साथ राहत एवं बचाव से जुड़े सभी विभाग अलर्ट मोड में रहें। । उन्होंने कहा कि गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य जांच, सदर्भन एवं पोषण प्रबंधन के लिए प्रदेश में ‘संभव अभियान’ संचालित किया जा रहा है।
प्रत्येक जिले में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते गंभीर कुपोषित बच्चों को विभिन्न विभागों की सेवाओं से लाभान्वित कराया जाएगा। बरेली की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने ‘अन्नपूर्णा’ (उचित दर की दुकान एवं जन सुविधा केन्द्र) विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। गोंडा के जिलाधिकारी ने ‘ब्रांड अरगा’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में राहत विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर गर्ग, नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार, सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग मौजूद थे।