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यूपी एटीएस की कार्रवाई: कानपुर से पांच रोहिंग्या व एक बांग्लादेशी समेत आठ गिरफ्तार

Mon, 08 May 2023 09:52 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

एटीएस उनके जम्मू जाने की वजह तलाश रही है। इनके पास से पैन कार्ड, 5 आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान भारत का कार्ड, ई-श्रम कार्ड, दो डेबिट कार्ड, दो मोबाइल, दो यूएनएचसीआर कार्ड, 12 रेल टिकट और 11,980 रुपये बरामद किए है।
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विस्तार
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यूपी एटीएस ने कानपुर से पांच रोहिंग्या व एक बांग्लादेशी समेत आठ लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। इनमें चार महिलाएं व दो भारतीय नागरिक हैं। ये सभी कानपुर से दिल्ली के रास्ते जम्मू जा रहे थे। एटीएस उनके जम्मू जाने की वजह तलाश रही है। इनके पास से पैन कार्ड, 5 आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान भारत का कार्ड, ई-श्रम कार्ड, दो डेबिट कार्ड, दो मोबाइल, दो यूएनएचसीआर कार्ड, 12 रेल टिकट और 11,980 रुपये बरामद किए है। इन सभी के खिलाफ रविवार को एटीएस थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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एटीएस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या नागरिकों से पैसा लेकर उनको अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत ला रहे हैं। इनमें से कुछ बांग्लादेश से कानपुर आए हैं। इनकी भाषा और तौर-तरीका संदिग्ध है। इस पर एटीएस की टीम झकरकटी बस अड्डे पहुंची और आठों संदिग्धों से पूछताछ की। इन लोगों ने बताया कि हम लोग रोहिंग्या नागरिक हैं। बांग्लादेश से सीमा पार करके भारत आए हैं। हम लोगों को दिल्ली जाना है, जहां से जम्मू जाने को बोला गया है। एटीएस को उनकी तलाशी में कुमारघाट से गुवाहाटी और गुवाहाटी से दिल्ली का रेल टिकट मिला।

त्रिपुरा के अनवर को किया गया सुपुर्द
पूछताछ में उन्होंने बताया कि बॉर्डर पार करने के बाद उनको त्रिपुरा के अनवर के सुपुर्द किया गया था। दो दिन तक अनवर के पास रहने के दौरान उनको भारतीय नागरिकता के फर्जी पहचान पत्र दिए गए। अनवर का ड्राइवर विमल मियां भी इस गिरोह में शामिल है। विमल उनको कुमारघाट रेलवे स्टेशन पर छोड़ने आया था, वहां मौजूद त्रिपुरा निवासी सुबीर सब्दाकर उनको दिल्ली ले जाने वाला था। वहीं गिरफ्तार जम्मू निवासी मो. जकारिया ने बताया कि रोहिंग्या युवती सबकुर नाहर को जम्मू में उसकी बहन यासमीन के पास छोड़ने जा रहा था। बाकी दो लड़कों और तीन लड़कियों मो. शोएब, नूर मुस्तफा, नूर हबीबा, रजिया और फारसा को भी जम्मू लेकर जाकर बसाने की तैयारी थी।
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ये हुए गिफ्तार
त्रिपुरा का उनाकोटी का सुबीर सब्दाकर, जम्मू के सांबा का मो. जकारिया, म्यांमार के मो. शोएब, नूर मुस्तफा, सबकुर नाहर, नूर हबीबा व रजिया और बांग्लादेश का फारसा शामिल है।

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