सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के कारण दुर्घटना की आशंका है। इसके बावजूद सड़क सुरक्षा व्यवस्था न किया जाना बेहद दु:खद है। उन्होंने कहा कि सोमवार को कई स्थानों पर सड़क दुर्घटनाएं हुई। इसमें कई लोगों की मौत हो गई और तमाम लोग घायल हुए हैं। ये सभी घटनाएं भाजपा सरकार की अनदेखी का कारण है।
सोमवार को जारी बयान में अखिलेश ने कहा कि ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दो बसें टकराई। इसमें तीन की मौत हो गई और 20 लोग घायल हुए। उन्होंने सभी घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से लैस डायल 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू की थी। कानून व्यवस्था के लिए यूपी डायल 100 पुलिस व्यवस्था की थी, जिसे भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया।
सपा ने मुख्यालय के बजाय जिलों पर बढ़ाया फोकस
सपा ने जनता से जुड़े रहने के लिए नई रणनीति अपनाई है। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य वरिष्ठ नेता प्रदेश मुख्यालय के बजाय ज्यादातर वक्त जिलों में बिताएंगे। वे अलग-अलग जिलों में जाकर वहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उनके बीच समन्वय बढ़ाने के साथ ही जनता से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय करने का संदेश देंगे।
सपा ने नगर निकाय के साथ लोकसभा चुनाव को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी भी तैयार की जा रही है। मैनपुरी के लोगों के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पहुंचने का भरपूर फायदा मिला है। ऐसे में पार्टी ने तय किया है कि जनता से जुड़े नेता प्रदेश मुख्यालय के बजाय जिलों में ज्यादा वक्त बिताएंगे। इसी रणनीति के तहत अखिलेश यादव ने विभिन्न जिलों के भ्रमण का कार्यक्रम तैयार किया है। इटावा और मैनपुरी के बाद सोमवार को वह कानपुर पहुंचे। इसके बाद उनका झांसी जाने का कार्यक्रम है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव हर माह कम से कम 10 जिलों का भ्रमण करेंगे। इसी तरह प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल सहित अन्य नेताओं का भी कार्यक्रम लगाया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि माह में कम से कम दो दिन हर जिले में कोई न कोई राष्ट्रीय अथवा प्रांतीय नेता मौजूद रहे। इससे जिले के वरिष्ठ नेता प्रदेश मुख्यालय में भीड़ लगाने के बजाय जनता के बीच रहेंगे।
निकाय चुनाव की बनाएंगे रणनीति
जिले के भ्रमण के दौरान जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य नगर पंचायतों व नगर पालिका परिषदों में वरिष्ठ नेताओं का कार्यक्रम लगाया जाएगा। यहां होने वाली जनसभाओं में पार्टी की नीतियों से वाकिफ कराया जाएगा। नगर के नेताओं व कार्यक्रताओं के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। जहां चुनाव के लिहाज से गुटबाजी भारी पड़ती नजर आएगी, वहां प्रदेश मुख्यालय से भेजे जाने वाले वरिष्ठ नेता स्थानीय नेताओं के साथ मिल बैठकर समझौता भी कराएंगे।