लखनऊ में चिनहट के विमलनगर कमता निवासी पिंकी कश्यप से जालसाजों ने 13.47 लाख रुपये वसूल लिये। इसके बाद दूसरे की जमीन रजिस्ट्री कर दी। जब निर्माण कराने गई तो फर्जीवाड़े का पता चला। पीड़िता ने आपत्ति की तो आरोपियों ने धमकी देनी शुरू कर दी। पीड़िता ने चिनहट थाने में तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने सात लोगों पर केस दर्ज कर लिया है।
विमलनगर कमता निवासी पिंकी कश्यप के मुताबिक उनको जमीन की जरूरत थी। इसके लिए हरदासीखेड़ा के पप्पू तिवारी से संपर्क किया। पप्पू तिवारी ने मुन्ना से मुलाकाता कराई। मुन्ना ने किसान अजय, बबलू, अरविंद उर्फ राम कौशल, रंजीत व मोहित से जमीन के संबंध में बातचीत कराई। जमीन पसंद आने पर सौदा किया गया। जमीन के लिए 13.47 लाख रुपये लिये गये। मुन्ना ने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री उसके वकील द्वारा ही की जाएगी। इस पर भी पिंकी तैयार हो गई। दो महीने बाद जमीन की रजिस्ट्री पेपर उसे दिया गया।
न खसरा नंबर, न रुपये का जिक्र
पिंकी के मुताबिक जब रजिस्ट्री पेपर मिला तो उसे अपने वकील को दिया। वकील ने देखकर बताया कि इसमें तो जमीन के खसरा नंबर और रुपये के लेनदेन का जिक्र ही नहीं है। वहीं जब जमीन के संबंध में जानकारी की गई तो पता चला कि अरविंद के पिता ने इसे 2005 में दूसरे को बेच दिया था। अरविंद ने बिना अधिकारी के ही जमीन उसे रजिस्ट्री की है। पड़ताल में सामने आया कि जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए गांव के अजय को खड़ा किया गया था। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने चिनहट थाने में तहरीर दी। पुलिस ने शुरूआती जांच के बाद सभी सातों आरोपियों पर ठगी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश करने व धमकी देने की धारा में केस दर्ज किया गया है।