घर का सपना दिखाकर और रियल एस्टेट में निवेश करके रातों रात मालामाल बनने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाला राशिद नसीम पुलिस के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है। राशिद और उसके भाई पर ठगी और फर्जीवाड़े के सैकड़ों मामले दर्ज हैं लेकिन लोगों की मेहनत की कमाई को हड़पने वाले की तलाश के नाम पर पुलिस के पास कुछ नहीं है। बताते हैं कि राशिद विदेश भाग गया है।
बताया जा रहा है कि शाइन सिटी कम्पनी की ठगी का शिकार लोगों की संख्या 10 लाख से भी अधिक है। महाठग राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 4000 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। लखनऊ के गोमतीनगर थाने में ही 238 केस हैं।
लखनऊ पुलिस ने दोनों भाइयों पर पर 50-50 हजार और वाराणसी पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके अलावा ईडी ने भी दोनों महाठग भाइयों समेत शाइन सिटी कंपनी के छह अफसरों के खिलाफ मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
शाइन सिटी कंपनी और उसके एमडी राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम के साथ ही कंपनी के 40 से अधिक अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों साथ ही दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुवाहाटी जैसे राज्यों में धोखाधड़ी के हजारों मामले दर्ज हो चुके हैं.
घर का सपना दिखाकर ठगे करोड़ों रुपये
राशिद ने लोगों को घर बनाने का सपना दिखाकर मोटी रकम जुटाई। उसने 200 रूपये प्रति वर्ग फुट से 1000 रुपये प्रति वर्ग फुट के प्लाट दो लाख से 10 लाख रुपये में बेचने की स्कीमें लांच कीं। अलग-अलग साइज के प्लाट के लिए 20 हजार से एक लाख रुपये तक बुकिंग अमाउंट वसूला। 3000 से 2 लाख रुपये तक की न्यूनतम मासिक किस्त तय कर दीं। ये किस्तें मामूली होती थीं इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग उससे जुड़ते गए। उसने लोगों को लुभाने के लिए प्लॉट की बाउंड्री वाल के निर्माण पर 50 प्रतिशत और निर्माण कार्य पर 20 प्रतिशत छूट का ऑफर भी दिया था।
नेपाल में गिरफ्तारी, छूटने के बाद से है अंडरग्राउंड
राशिद नसीम बीते साल नेपाल में गिरफ्तार हुआ था। राशिद 43 दिन नेपाल जेल में रहा और वहां से जमानत पर छूटने के बाद से ही वो अंडरग्राउंड है। लखनऊ समेत देश के कई राज्यों की पुलिस उसे तलाश कर रही है। लखनऊ पुलिस ने उसके दुबई में होने की आशंका पर विदेश मंत्रालय से संपर्क भी किया है। इस सिलसिले में लखनऊ पुलिस लगातार विदेश मंत्रालय से पत्राचार कर रही है। राशिद और उसके भाई आसिफ के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी है। इसी साल जनवरी में ईडी ने राशिद और आसिफ समेत शाइन कम्पनी के छह लोगों पर अवैध तरीके से 36.54 करोड़ रुपये देश से बाहर भेजने के आरोप में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।