विधानसभा सचिवालय ने 27 फरवरी 2020 को इसकी अधिसूचना जारी करते हुए 16 दिसंबर 2020 से ही उनकी सदस्यता समाप्त मानी थी। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक अब्दुल्ला को करीब 32 महीने के वेतन भत्तों का भुगतान की वसूली का नोटिस दिया गया था।
सपा विधायक अब्दुल्ला आजम से पिछले कार्यकाल के वेतन भत्तों की करीब 53 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है। अब उनके ऊपर कोई देनदारी नहीं है। अब्दुल्ला आजम मार्च 2017 में स्वार से विधायक निर्वाचित हुए थे। उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 16 दिसंबर 2019 को फैसला सुनाते हुए उनका निर्वाचन रद्द कर दिया था।
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विधानसभा सचिवालय ने 27 फरवरी 2020 को इसकी अधिसूचना जारी करते हुए 16 दिसंबर 2020 से ही उनकी सदस्यता समाप्त मानी थी। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक अब्दुल्ला को करीब 32 महीने के वेतन भत्तों का भुगतान की वसूली का नोटिस दिया गया था। अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव 2022 में नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए विधानसभा से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए बकाया करीब 53 लाख रुपये जमा करा दिए हैं।