प्रदेश में पश्चिम एवं पूर्वांचल के बाढ़ प्रभावित 18 जिलों में सरकार की ओर से 100 स्थायी शरणालय बनाए जाएंगे। स्थायी शरणालय बनाने से बाढ़ के समय तीन हजार लोगों को समय पर आश्रय मिलेगा। सरकार इस पर 622 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत दिनों एक उच्च स्तरीय बैठक में बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत के स्थायी प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। राहत विभाग की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए कराए गए सर्वे के बाद अमरोहा, आजमगढ़, बाराबंकी, बिजनौर, बदायूं, फर्रुखाबाद, गोंडा, हरदोई, कन्नौज, कासगंज, खीरी, कुशीनगर, मऊ, मेरठ, मुजफ्फनगर, शाहजहांपुर, सीतापुर और उन्नाव अत्यधिक बाढ़ से प्रभावित हैं। रहते हैं। इन जिलों के 702 गांव के दो लाख से अधिक लोग बाढ़ से अधिक प्रभावित होते है। इन जिलों में 100 स्थायी बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे। पहले चरण में 10 स्थानों, दूसरे और तीसरे चरण में संवेदनशील 45-45 स्थलों पर और तीसरे चरण में स्थायी बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे।