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स्वर्गवासी भी कर रहे लखनऊ नगर निगम में नौकरी, उठा रहे सैलरी

Mon, 18 Jun 2018 05:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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नगर निगम - फोटो : amar ujala
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जो कर्मचारी दुनिया को अलविदा कह चुके हैं और जो रिटायर्ड हो चुके हैं, नगर निगम के रिकॉर्ड में वे अब भी नौकरी कर रहे हैं। इसकी जानकारी के बाद नगर निगम प्रशासन सकते में है।

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इसका खुलासा बायोमीट्रिक अटेंडेंस को लेकर हो रही सख्ती के बाद सामने आई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि कहीं रिटायर्ड और स्वर्गवासी हो चुके कर्मचारियों के नाम पर वेतन का फर्जीवाड़ा तो नहीं हो रहा था। इसको लेकर भी नगर निगम प्रशासन जांच कराएगा।

नगर निगम मुख्यालय में करीब तीन साल से बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू है। इसी के आधार पर कर्मचारियों को वेतन जारी किया जाता है।

हाल में हुई जांच में नगर निगम जोन एक के 12 से अधिक कर्मचारियों की हाजिरी बायोमीट्रिक सिस्टम पर नहीं मिली। इसके बाद जांच हुई तो एक नया घपला सामने आया। नगर निगम के रिकॉर्ड में वह भी अब तक नौकरी कर रहे हैं जिनकी मौत हो चुकी है या रिटायर्ड हो चुके हैं।

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जेल में था कर्मचारी और जारी हो रहा था वेतन

करीब तीन साल पहले नरेंद्र देव त्रिवेदी नाम का एक कर्मचारी जेल में था और नगर निगम से उसका वेतन जारी हो रहा था। यह पता तब चला जब समाचार पत्र में इस बारे में खबर छपी। उसके बाद नगर निगम प्रशासन को जानकारी हुई और उक्त कर्मचारी को निलंबित किया गया और उन कर्मचारियों से जवाब मांगा गया जो उसका वेतन पास कर रहे थे।

ये हैं रिटायर्ड और स्वर्गवासी कर्मचारी
सुफिया- स्वर्गवासी
रामकिशोर-स्वर्गवासी
रंजीत गौतम-स्वर्गवासी
कार्तिक भट्ट- स्वर्गवासी
सरस्वती- सेवानिवृत्त
कल्याण प्रसाद- सेवानिवृत्त
 
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जल्द हटाया जाएगा नाम 

एक सप्ताह पहले ही जोन की जिम्मेदारी मिली है। बायोमीट्रिक अटेंडेंस रिकॉर्ड को लेकर रिपोर्ट बनवाई गई थी। इसमें कुछ ऐसे कर्मचारियों के नाम भी दर्ज हैं जो रिटायर्ड हो चुके हैं या मृत्यु हो चुकी है। ऐसे कर्मचारियों के नाम हटाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। लेखा विभाग को भी सूची भेज दी गई है।
कंवलजीत सिंह, जोनल अभियंता
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