त्रिदेश का बेटा आदित्य दोपहर ढाई बजे घर पहुंचा तो भीतर दादी मृत पड़ी थीं। आदित्य ने फौरन पिता को घटना की सूचना दी। थोड़ी देर बाद रंजना और राजन भी पहुंच गए। दोनों ने बताया कि काम से वे बाहर गए थे। घरवालों ने लूट के बाद हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने छानबीन की तो त्रिदेश के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। पड़ोसी के कैमरे में राजन और रंजना बाहर जाते दिखाई दिए, लेकिन उनके जाने के बाद कोई और नहीं आया था। संदेह होने पर पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों झूठ बोलते रहे। सख्ती करने पर आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया। त्रिदेश बिजली विभाग में संविदा कर्मी हैं। आदित्य डिलीवरी का काम करता है। त्रिदेश की एक बेटी अंशिका है। निर्मला के पति राजेश कुमार योजना भवन में वरिष्ठ सहायक थे।
घटना के बाद जांच के लिए डाग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम पहुंची। छानबीन के दौरान खोजी कुत्ता कुछ दूरी पर खड़े राजन के पास जाकर रुक गया। राजन कुत्ते को अपने पास से भगाने लगा। पुलिस टीम को तभी राजन पर शक हो गया था। उसे हिरासत में ले लिया गया। रंजना की गतिविधियां भी संदिग्ध लग रही थीं, जिससे पुलिस को उस पर शक गहरा गया था।