लखनऊ सामूहिक हत्याकांड
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छानबीन में सामने आया है कि आरोपी बदर और उसके बेटे अरशद ने एक-दूसरे से झूठ बोला था। दोनों ने आत्महत्या करने की बात कही थी। हालांकि चारबाग स्टेशन जाने के बाद अरशद लौटकर पुलिस के पास चला गया था। वहीं, बदर वहां से कहीं और चला गया था। आशंका जताई जा रही है कि अरशद ने यह सोचकर सरेंडर कर दिया था कि उसके पिता ने आत्महत्या कर ली होगी। पूछताछ में वह सारा आरोप अपने पिता पर मढ़ देता। हालांकि, जब उसे पता चला कि बदर ने आत्महत्या नहीं की है तो वह पुलिस को गुमराह करने लगा था।
ये है मामला
आगरा निवासी अरशद ने पिता के साथ मिलकर मां अस्मा (49), बहनें अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9 ) चारबाग के होटल में हत्या कर दी थी। आरोपी 30 दिसंबर को लखनऊ आए थे। दो दिन के होटल का कमरा बुक कराया था। 31 दिसंबर की रात में दोनों सामूहिक हत्याकांड को अंजाम दिया था। अरशद ने इस दौरान वीडियो बनाकर वायरल भी किया था। वारदात के बाद अरशद ने सरेंडर कर दिया था, जबकि बदर भाग निकला था।